नेपाल और चीन की सीमा से लगे इलाके में आई भीषण बाढ़ ने बड़ी तबाही मचाई है. इस आपदा में अब तक 390 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं. लापता होने वालों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं, जो ट्रेकिंग, गाइडेड टूर या हिंदू धार्मिक स्थल की तीर्थयात्रा के लिए इस इलाके में मौजूद थे.
अलग-अलग देशों और एजेंसियों की तरफ से लापता लोगों के आंकड़े थोड़े अलग अलग बताए जा रहे हैं, क्योंकि हर जगह डेटा जुटाने का तरीका, रिपोर्ट करने का समय और जांच करने का तरीका अलग है. साथ ही डेटा जुटाने वाली टीमों और मौके पर रेस्क्यू कर रही टीमों के बीच तालमेल की कमी भी इसकी एक वजह है.
नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक बुधवार को आई इस बाढ़ में मरने वालों की संख्या 390 तक पहुंच गई है. इसके अलावा 960 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं. अब तक 50 विदेशी नागरिकों को हवाई रास्ते से रेस्क्यू किया जा चुका है. स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना और पुलिस के 85 जवान, रसुवा जिले के 161 और नुवाकोट जिले का एक निवासी शामिल है.
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है और 558 लोग लापता हैं. इनमें से 260 लोग विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के अनुसार नेपाल की तरफ भी करीब 100 चीनी नागरिक लापता हैं.
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भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है. इनमें 73 लोग एक पावर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे. नेपाल प्रशासन के अनुसार कई भारतीय पर्यटक तिब्बत में स्थित हिंदुओं के पवित्र स्थल कैलाश पर्वत की यात्रा पर गए हुए थे.
अमेरिका के विदेश विभाग ने बताया कि चीन और नेपाल में 90 अमेरिकी नागरिकों का कोई पता नहीं चल पा रहा है, हालांकि किसी अमेरिकी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है और तीन अमेरिकी नागरिकों को बचा लिया गया है.
मलेशिया के 51, यूक्रेन के 55, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33 और कनाडा के 25 नागरिक भी लापता बताए जा रहे हैं. दक्षिण कोरिया के नौ नागरिक, जो एक जलविद्युत परियोजना पर काम कर रहे थे, भी लापता हैं. सिंगापुर के आठ, जर्मनी के आठ और रूस के आठ नागरिक भी लापता हैं. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका और लातविया के छह छह, जापान और न्यूजीलैंड के पांच पांच, फ्रांस के चार, बेल्जियम और स्पेन के तीन तीन नागरिक भी लापता हैं. इटली, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड और नीदरलैंड के दो दो नागरिक भी लापता हैं. इसके अलावा बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इजरायल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड, सर्बिया और स्वीडन का एक एक नागरिक भी लापता बताया गया है.
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