अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस को निशाना बनाने की कथित बम वाली साजिश को बेहद गंभीर मामला बताया है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में रुबियो ने कहा कि इस साजिश में किसी विदेशी ताकत की भूमिका थी. उन्होंने विदेशी ताकत का नाम बताने से इनकार कर दिया.
मार्को रुबियो ने कहा कि ब्रिटेन में वीकेंड पर जो हुआ, जो लगभग होने वाला था या जो हो सकता था, वह बेहद गंभीर मामला है. उन्होंने कहा कि इसमें साफ तौर पर किसी विदेशी ताकत का हाथ शामिल है. हालांकि, उन्होंने किसी बाहरी ताकत का नाम नहीं लिया और ना ही किसी तरह का कोई सबूत पेश किया.
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आरोपियों को बेल मिलने पर भी जताई नाराजगी
RAF फेयरफोर्ड एयरबेस के पास कथित आतंकी अपराधों के आरोप में पांच ब्रिटिश लोगों को हिरासत में लिया गया था. हालांकि, बाद में उन्हें बेल पर रिहा कर दिया गया. रुबियो ने कहा कि इन पांच संदिग्धों को बेल मिलने की खबर से कई लोग परेशान हुए हैं. यह एयरबेस ब्रिटेन और अमेरिका दोनों की सेनाओं के इस्तेमाल में है. इसका इस्तेमाल अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू करने के लिए भी किया था.
ईरान को लेकर भी रुबियो की चेतावनी
मार्को रुबियो ने ईरान को लेकर भी सख्त बयान दिया. उन्होंने कहा कि ईरान ने खुले तौर पर दुनियाभर में अमेरिकी हितों पर हमला करने की धमकी दी है. रुबियो ने कहा कि अमेरिका इस तरह की धमकियों को हमेशा गंभीरता से लेगा. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हमला कभी होता है या उसकी कोशिश भी की जाती है, तो इसके नतीजे होंगे. हालांकि, RAF फेयरफोर्ड मामले में रुबियो ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित विदेशी ताकत कौन थी.
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ब्रिटिश एयरबेस को निशाना बनाने की इस कथित साजिश में पांच ब्रिटिश पुरुषों की गिरफ्तारी और फिर बेल पर रिहाई के बाद यह मामला चर्चा में है. रुबियो के बयान ने इस मामले में किसी विदेशी ताकत की भूमिका की ओर इशारा किया है, लेकिन उन्होंने इसके बारे में कोई और जानकारी नहीं दी.
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