पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहट में हुए फिदायीन हमले में लगभग 870 किलोग्राम विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था. इस घमाके में 21 लोग मारे गए थे, इनमें 16 पुलिसकर्मी थे. इसके अलावा यहां 8 आतंकी भी मारे गए थे.
18 सितंबर को अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में आतंकियों ने जुमे की नमाज़ के दौरान एक मस्जिद के पास विस्फोटक से भरी गाड़ी में धमाका किया और पास के पुलिस ठिकानों पर हमला कर दिया.
पाकिस्तान के बम निरोधक दस्ते ने धमाके वाली जगह की जांच की, सबूत इकट्ठा किए और मंगलवार को सेंट्रल पुलिस ऑफिस को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी.
रिपोर्ट के मुताबिक धमाके में 869 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया था, जिससे लगभग 6.6 फ़ीट चौड़ा, 11 फ़ीट लंबा और 4.6 फ़ीट गहरा गड्ढा बन गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में बहुत शक्तिशाली विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किया गया था और धमाके में शामिल गाड़ी की भी पहचान कर ली गई है.
धमाके के बाद हमलावर पुराने पुलिस लाइंस परिसर में भी घुस गए और स्पेशल ब्रांच ब्लॉक में मज़बूत स्थिति बना ली.
धमाके के बाद चलाए गए क्लीयरेंस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने पुलिस परिसर में आठ हमलावरों को मार गिराया.
रिपोर्ट के मुताबिक स्पेशल ब्रांच की इमारत के अंदर से बिना फटी विस्फोटक सामग्री बरामद की गई.
इसमें कहा गया है कि ग्राउंड फ़्लोर से दो इम्प्रोवाइज़्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और पहली मंज़िल पर एक सुसाइड वेस्ट (आत्मघाती जैकेट) भी बरामद की गई.
वेस्ट में चार IED थे जिन्हें सुरक्षाकर्मियों ने निष्क्रिय कर दिया और बरामद कर लिया.
रिपोर्ट के मुताबिक क्लीयरेंस ऑपरेशन के बाद इलाके को सुरक्षित और नियंत्रण में घोषित कर दिया गया.
'इत्तेहाद-उल-मुजाहिदीन पाकिस्तान' नाम के एक संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है. यह गुट हाफ़िज़ गुल बहादुर ग्रुप, हरकत इंकलाब-ए-इस्लामी पाकिस्तान और लश्कर-ए-इस्लाम का गठबंधन है, जिसे अप्रैल 2025 में बनाया गया था.
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