झारखंड में गोड्डा थर्मल प्लांट में बिजली सप्लाई रुकने के कुछ दिनों बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेताओं की बयानबाजी तेज हो गई है. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक वरिष्ठ नेता ने दावा किया है कि यह शटडाउन प्रधानमंत्री तारिक रहमान के BRICS समिट में शामिल न होने से जुड़ा था.
झारखंड के गोड्डा प्लांट की एक यूनिट 10 सितंबर की देर रात बॉयलर में खराबी के कारण बंद हो गई थी. इसके चलते बांग्लादेश को मिलने वाली बिजली करीब आधी रह गई थी.
इसे 13 सितंबर को ग्रिड से दोबारा जोड़ा गया. बांग्लादेश पहले से ही लगभग 2,500 MW बिजली की कमी का सामना कर रहा था, जिसके कारण कई इलाकों में रोज़ाना तीन से 10 घंटे तक बिजली कटौती हो रही थी.
रिजवी ने लगाए आरोप
ढाका स्थित अखबार 'द डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक सेक्रेटरी जनरल रूहुल कबीर रिज़वी ने बुधवार को ढाका के जातीय प्रेस क्लब के बाहर एक कार्यक्रम में आरोप लगाया कि भारत बांग्लादेश के खिलाफ साजिश बुन रहा है. उनका कहना है कि ब्रिक्स समिट में शामिल न होने के रहमान के फैसले ने "बांग्लादेश की आज़ादी और संप्रभुता" को बनाए रखा.
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रिज़वी ने सवाल उठाया कि तारिक रहमान के भारत न जाने के फैसले के अगले ही दिन प्लांट क्यों बंद हुआ. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि चूंकि प्लांट भारत में है इसलिए बिजली सप्लाई को भी कभी बंद या शुरू किया जा सकता है.
जानकारी के लिए बता दें कि झारखंड में 1,600 मेगावाट (MW) वाले गोड्डा प्लांट की दो यूनिट में से एक को 10 सितंबर की देर रात बॉयलर की समस्या के कारण बंद करना पड़ा था. हालांकि 13 सितंबर तक खराबी ठीक कर दी गई.
रिजवी ने पहले भी लगाए थे भारत पर आरोप
यह पहली बार नहीं है जब रिज़वी ने भारत-विरोधी रवैया दिखाया है. इससे पहले 12 सितंबर को भी गोड्डा प्लांट में हुई तकनीकी खराबी को लेकर रिजवी ने सवाल उठाया था.
तारिक रहमान को दो बार दिया गया था BRICS का निमंत्रण
तारिक रहमान के BRICS समिट में शामिल न होने को लेकर भारत और बांग्लादेश के अलग-अलग दावे सामने आए. रिजवी ने आरोप लगाते हुए कहा, "आप उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर बुलाकर यह उम्मीद नहीं रख सकते कि वे किनारे बठे रहेंगे. ऐसा नहीं हो सकता." वहीं, भारत ने इसपर साफ कहा है कि उन्हें दो बार न्योता दिया गया था.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने अगस्त में पुष्टि की थी कि भारत ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को नई दिल्ली में ब्रिक्स आउटरीच सत्र के लिए आमंत्रित किया था. यह निमंत्रण उन्हें मौजूदा बिम्सटेक (BIMSTEC) अध्यक्ष के तौर पर दिया गया था, जो क्षेत्रीय समूहों के प्रमुखों को आमंत्रित करने की परंपरा के अनुरूप था.
इसके अलावा, जब 15 सितंबर को बांग्लादेशी अधिकारियों ने निमंत्रण के स्वरूप पर सवाल उठाए, तो फिर से रणधीर जायसवाल की ओर से स्पष्ट किया गया कि रहमान को दो अलग-अलग निमंत्रण मिले थे. जायसवाल ने बताया कि उन्हें दूसरा निमंत्रण आउटरीच सत्र के लिए दिया गया था, न कि ब्रिक्स के सदस्य या सहयोगी देश के नेता के तौर पर.
एक ओर, जहां रिज़वी ने बिना किसी सबूत के भारत पर आरोप लगाए, तो वहीं गोड्डा और महेशखाली दोनों जगहों पर आई रुकावटों की वजह तकनीकी खराबी बताई गई है. इसके साथ ही, भारत ने बार-बार इस बात को कहा है कि बांग्लादेश के साथ उसके संबंध जन-केंद्रित हैं और दोनों देशों के नागरिकों के साझा हितों पर आधारित हैं.
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