ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर दोबारा कोई हमला किया, तो इसका जवाब सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में बहुत विनाशकारी पलटवार देखने को मिलेगा.
मोजतबा खामेनेई ने कहा कि फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हुई हालिया घटनाओं ने अमेरिका के 'अजेय' होने की खुशफहमी को पूरी तरह से चकनाचूर कर दिया है.
उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य ताकत और उसका अंतरराष्ट्रीय दबदबा अब ऐसे पतन की ओर बढ़ चुका है, जिसे वापस नहीं बदला जा सकता. खामेनेई ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तबाह करने की कार्रवाई को क्षेत्रीय स्तर पर वैश्विक साम्राज्यवाद के खिलाफ एक बड़ा जिहाद करार दिया.
'झुकने से खत्म नहीं होगी अमेरिका की दुश्मनी'
ईरानी राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोजतबा खामेनेई ने कहा कि जो लोग ये सोचते हैं कि अमेरिका को रियायतें देने से ईरानी जनता के लिए उसकी दुश्मनी खत्म हो जाएगी, वो बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि बदला पूरा करने का इकलौता रास्ता तरक्की के जरिए एक बेहद शक्तिशाली ईरान की रणनीति पर चलना है.
उन्होंने ये भी याद दिलाया कि 1953 में अमेरिका ने ईरान के राष्ट्रीय धन और संसाधनों, खासतौर से उसके तेल की लूट जारी रखने के लिए ही तख्तापलट कराया था.
ईरान के लिए हर दिन संर्घष का- मोजतबा
ईरानी सुप्रीम लीडर ने कहा कि 4 नवंबर अब सिर्फ बदले का एक दिन नहीं रह गया है, बल्कि आज हर दिन संघर्ष का दिन बन चुका है. ईरान और रेजिस्टेंस फ्रंट की संयुक्त कोशिश अपनी ताकत और अटूट एकता के बल पर एक नए वर्ल्ड ऑर्डर का रास्ता दे रहे हैं. उनके मुताबिक अमेरिका का प्रभाव सैन्य क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सॉफ्ट पावर दोनों ही मोर्चों पर लगातार गिर रहा है.
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