स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की वार्ता खत्म होने के एक दिन बाद दोनों देशों के रिश्तों में नरमी के संकेत दिखाई देने लगे हैं. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरान को तेल निर्यात पर अस्थायी राहत देने का ऐलान किया है. अमेरिका ने 60 दिनों का एक जनरल लाइसेंस जारी किया है, जिसके तहत 21 अगस्त 2026 तक ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम उत्पादों, डिलीवरी और बिक्री की अनुमति दी गई है.
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने बयान में कहा कि यह लाइसेंस ईरान को अपने कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स की बिक्री की इजाजत देता है. इसके साथ ही इस लाइसेंस के दायरे में अमेरिका में ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के आयात की अनुमति भी शामिल है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब वॉशिंगटन और तेहरान के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है.
पहले दौर की वार्ता में इन मुद्दों पर रहा फोकस
दोनों देशों के बीच स्विट्जरलैंड में 21 जून को पहले दौर की वार्ता समाप्त हुई, जिसमें युद्ध खत्म करने, ईरान पर लगे प्रतिबंधों में राहत और फ्रीज किए गए ईरानी फंड को जारी करने जैसे मुद्दों पर फोकस रहा. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, 'स्विट्जरलैंड में चल रही सकारात्मक वार्ता के तहत ईरान नेस्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मुक्त और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को अपने देश में प्रवेश की अनुमति देने पर सहमति जताई है.'
उन्होंने कहा कि इसी समझौते के तहत ट्रेजरी विभाग ने ईरानी तेल के उत्पादन, डिलीवरी और बिक्री को अस्थायी तौर पर मंजूरी देने वाला 60 दिन का जनरल लाइसेंस जारी किया है. पिछले सप्ताह वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन के तहत अमेरिका ने ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और उनसे जुड़े डेरिवेटिव्स के निर्यात पर छूट देने पर सहमति जताई थी. इसमें बैंकिंग लेनदेन, बीमा और परिवहन जैसी संबंधित सेवाएं भी शामिल हैं.
एमओयू की दो शर्तों पर US-ईरान में सहमति
हालांकि, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह लाइसेंस उत्तर कोरिया और क्यूबा से जुड़े किसी भी लेनदेन पर लागू नहीं होगा, क्योंकि ये दोनों देश अब भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में हैं. बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी शांति समझौते के लिए जो एमओयू साइन हुआ है, उनमें 14 प्रमुख मुद्दे शामिल हैं. इन्हीं मुद्दों पर सहमति बनाने के लिए दोनों देश स्विट्जरलैंड में वार्ता कर रहे हैं, जिसका पहला दौर 21 जून को समाप्त हुआ. ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में छूट और होर्मुज से जहाजों की बेरोकटोक आवाजाही सुनिश्चित करना इस एमओयू की दो प्रमुख शर्तें थीं, जिन पर फिलहाल सहमति बन गई है.
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