फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों, झड़पों और स्थानीय स्तर पर लगाए गए कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास ने फ्रांस में रह रहे भारतीय नागरिकों और वहां जाने की योजना बना रहे लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने भारतीयों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने की अपील की है.
भारतीय दूतावास ने कहा, 'हाल के घटनाक्रम और फ्रांस में लगाए गए स्थानीय कर्फ्यू को देखते हुए सतर्क रहें और सावधानी बरतें.' दूतावास ने भारतीय नागरिकों से उन जगहों पर बड़े जमावड़े और भीड़भाड़ से बचने को कहा है, जहां प्रदर्शन हो रहे हैं. साथ ही फ्रांसीसी अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक पेरिस स्थित भारतीय दूतावास से +33 6 48 34 00 63 और cons.paris@mea.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं.
फ्रांस में हाल ही में कई वर्षों की सबसे गंभीर शहरी हिंसा देखने को मिली. बढ़ती जीवन-यापन लागत, खराब होती सार्वजनिक सेवाओं और शिक्षा को लेकर चिंता के बीच प्रदर्शन पेरिस, मार्से और लियोन जैसे शहरों में लूटपाट, आगजनी और पुलिस के साथ झड़पों में बदल गए. हफ्तों से चल रहे प्रदर्शनों और छात्र आंदोलनों के बाद यह हिंसा हुई. प्रदर्शनकारियों ने बढ़ती कीमतों, स्कूलों की खराब सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं को लेकर असंतोष जताया. कई व्यवसायों और सार्वजनिक इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि दुकानदारों ने बड़े पैमाने पर लूटपाट की शिकायत की.
गुरुवार और शनिवार को फिर प्रदर्शन की तैयारी
फ्रांसीसी अधिकारियों ने पेरिस और अन्य शहरों के कुछ हिस्सों में रात के समय कर्फ्यू और सभाओं पर प्रतिबंध लगाए. प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि इन उपायों से स्थिति सामान्य करने में मदद मिली है, हालांकि उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था में कमियों को भी स्वीकार किया. कर्फ्यू के बाद स्थिति शांत होने के बावजूद गुरुवार और शनिवार को फिर प्रदर्शन की योजना है. फ्रांस के मुख्य छात्र संगठन UNEF ने नए प्रदर्शनों का आह्वान किया है. येलो वेस्ट आंदोलन से जुड़े समूहों ने भी बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर प्रदर्शन की घोषणा की है.
सरकार ने पिछले हफ्ते जैसी हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का वादा किया है. वहीं, लेकोर्नू ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रदर्शन के अधिकार को लेकर ट्रेड यूनियनों से भी बातचीत की है. श्रमिक संघ 5 नवंबर को जीवन-यापन की लागत और सार्वजनिक सेवाओं में कटौती के खिलाफ देशव्यापी हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं.
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ट्रंप के बयान पर मैक्रों ने जताई नाराजगी
फ्रांस में हुई हिंसा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आव्रजन नीतियों पर निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि फ्रांस को 'प्रवासियों, जिहादियों और कम्युनिस्टों' द्वारा जीता, लूटा और जलाया जा रहा है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बुधवार को कतर दौरे के दौरान विदेशी नेताओं की टिप्पणियों की आलोचना की. उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए फ्रांस की हिंसा का इस्तेमाल करना 'अस्वीकार्य और मूर्खतापूर्ण' है. जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका निशाना ट्रंप हैं, तो मैक्रों ने कहा, 'दूसरों के अलावा', यानी उनकी आलोचना में अमेरिकी राष्ट्रपति भी शामिल हैं. मैक्रों ने कुछ नेताओं पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप भी लगाया, जिसमें ऐसी घटनाओं को दिखाने वाली AI से बनाई गई तस्वीरें भी शामिल हैं, जो वास्तव में हुई ही नहीं थीं.
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