'बुरा चाहने वालों से सीक्रेट...', भारत को बेचे तेल का डेटा नहीं देगा रूस, US ने बताई 'दोस्त' को छूट देने की वजह

रूसी तेल को लेकर वैश्विक राजनीति फिर गर्म हो गई है. अमेरिका ने मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत को अस्थायी छूट दी है ताकि फंसे हुए रूसी तेल को बाजार तक पहुंचाया जा सके. वहीं रूस ने साफ कर दिया है कि वह भारत को कितनी सप्लाई कर रहा है, इसका डेटा ‘दुश्मनों’ से छिपाकर रखा जाएगा.

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कच्चे तेल को लेकर ट्रंप और पुतिन लंबे वक्त से आमने-सामने हैं (AI फोटो) कच्चे तेल को लेकर ट्रंप और पुतिन लंबे वक्त से आमने-सामने हैं (AI फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:12 AM IST

भारत को रूसी तेल खरीदने की जो छूट मिली है, उसपर अमेरिका का ताजा बयान आया है. US ने भारत को रियायत देने की वजह बताई है. दूसरी तरफ रूस ने साफ कर दिया है कि वह ये डेटा साझा नहीं करेगा कि उसने हमें कितना तेल दिया. कहा गया कि वह बुरा चाहने वालों से इसको सीक्रेट रखना चाहता है.

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रूस ने शुक्रवार को कहा कि भारत को हुए कच्चे तेल के निर्यात से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाएंगे, इसे 'बहुत सारे दुश्मनों और बुरा चाहने वालों' से गुप्त रखा जाएगा.

रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव की यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट के उस बयान के कुछ घंटों बाद आई जिसमें उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट संघर्ष के बीच वाशिंगटन ने भारतीय रिफाइनरियों को रूसी तेल खरीदने की अनुमति देने के लिए 30 दिनों की अस्थायी छूट दी है.

दिमित्री पेस्कोव ने कहा, 'हम कोई डेटा नहीं देने वाले, बिल्कुल नहीं. क्योंकि बहुत सारे दुश्मन हैं.' दरअसल, उनसे उन रिपोर्ट्स पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया था जिनमें मॉस्को द्वारा एक हफ्ते में 22 मिलियन बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति करने की क्षमता का जिक्र किया गया था.

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गुरुवार को इससे पहले, रूसी सरकारी टीवी ने एक नक्शा टेलिकास्ट किया था. इसमें कई टैंकर अरब सागर से बंगाल की खाड़ी होते हुए पूर्वी तट पर स्थित भारतीय रिफाइनरियों की ओर बढ़ते हुए दिखाए गए थे.

रूस के उप प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर नोवाक ने कहा कि उनका देश भारत और चीन को कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए तैयार है, जो ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हमलों और तेहरान के जवाबी हमलों की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के माध्यम से तेल सप्लाई के लगभग बंद होने से प्रभावित हैं.

अमेरिका ने बताया भारत को क्यों दी छूट

रूसी तेल पर तिरछी नजरें रखने वाले अमेरिका ने भारत को छूट क्यों दी? इसके जवाब में अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट का बयान आया. उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने की शॉर्ट टर्म कोशिश के तहत दक्षिणी एशिया के आसपास समुद्र में फंसे रूसी तेल को रिफाइन करने के लिए 'भारत में अपने दोस्तों को अनुमति दी गई है.'

उन्होंने कहा, 'तेल की कीमतों को कम रखने में मदद के लिए हमने अल्पकालिक उपाय लागू किए हैं. हम भारत में अपने दोस्तों को जहाजों में मौजूद तेल लेने, उसे रिफाइन करने और उन बैरलों को तेजी से बाजार में पहुंचाने की छूट दे रहे हैं. आपूर्ति को सुचारू बनाने और दबाव कम करने का यह एक प्रैक्टिकल तरीका है.'

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एक टीवी इंटरव्यू में राइट ने कहा कि तेल प्रचुर मात्रा में है और इस संबंध में कोई चिंता नहीं है, लेकिन फिलहाल तेल को बाजार में लाना जरूरी है.

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