मक्का-मदीना पर हमले से हूतियों का इनकार, कहा- सऊदी के तेल ठिकानों को बनाया निशाना

यमन के हूती समूह ने मक्का और मदीना पर हमला करने की खबरों से इनकार किया है. सऊदी अरब ने कहा कि उसने इन इलाकों की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका और कई जगहों पर मलबा गिरा.

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पिछले कई दिनों से सऊदी के तेल ठिकानों, एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हूती.(REUTERS//File Photo) पिछले कई दिनों से सऊदी के तेल ठिकानों, एयरपोर्ट और सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहे हूती.(REUTERS//File Photo)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:46 AM IST

ईरान समर्थित यमन के हूती समूह ने उन खबरों से इनकार किया, जिनमें कहा गया था कि उसने इस्लाम के दो सबसे पवित्र शहरों मक्का और मदीना को निशाना बनाकर हमला किया. सऊदी अरब ने कहा था कि उसने इन इलाकों की ओर दागी गई मिसाइलों को रोक दिया है और कई जगहों पर उनके मलबे के गिरने की जानकारी मिली है.

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हूतियों ने कहा कि उनके सैन्य अभियानों का निशाना सऊदी अरब की तेल सुविधाएं और सैन्य ठिकाने हैं. समूह ने कहा कि जब भी वह इस तरह के हमले करता है, तो इसकी सार्वजनिक रूप से घोषणा करता है. हूतियों का यह इनकार ऐसे समय में आया है, जब सऊदी अरब और हूतियों के बीच सीमा पार तनाव फिर बढ़ गया है.

सऊदी अरब की नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने कहा कि मक्का और मदीना क्षेत्रों में रोकी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों के टुकड़े गिरे. मलबा मक्का के पास और जेद्दा, ताइफ और रबिघ में भी मिलने की जानकारी दी गई. हालांकि, हूतियों ने साफ तौर पर कहा कि उन्होंने मक्का और मदीना को निशाना नहीं बनाया. सऊदी अरब की ओर से हूतियों के इस दावे पर तत्काल कोई सीधी प्रतिक्रिया नहीं दी गई.

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हूतियों ने सऊदी तेल ठिकानों और हवाई अड्डों पर हमले का दावा किया

हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि समूह ने सऊदी अरब के कई ठिकानों को निशाना बनाया. इनमें रियाद का किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, यानबू में अरामको की एक सुविधा, रबिघ तेल रिफाइनरी, कच्चे तेल के पंपिंग स्टेशन और ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन शामिल हैं. उन्होंने दम्माम के किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, नज्रान के एक हवाई अड्डे और खमीस मुशैत के एक हवाई अड्डे पर भी हमले का दावा किया.

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा कि उसने यानबू और ताइफ की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया. हालांकि, सऊदी अधिकारियों ने हूतियों की ओर से बताए गए अन्य ठिकानों पर हमले के दावों पर सीधे प्रतिक्रिया नहीं दी.

यह साफ नहीं हो सका कि बताए गए हमलों में कोई मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुंची या नहीं या उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया. सऊदी अधिकारियों ने रबिघ समेत कई जगहों के आसपास मिसाइलों का मलबा मिलने की जानकारी दी. हूतियों ने रबिघ की तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाने का दावा किया था.

शनिवार को इससे पहले सऊदी नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने ताइफ, यानबू, मक्का और जेद्दा के लोगों को संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था. एजेंसी ने करीब 10 मिनट बाद बताया कि खतरा टल गया है.

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अदन में तटरक्षक ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा

यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने हूतियों पर अदन में तटरक्षक बल के ठिकानों पर तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागने का आरोप लगाया. गृह मंत्रालय ने कहा कि दो मिसाइलें तटरक्षक बल के मुख्यालय पर गिरीं, जबकि तीसरी मिसाइल तवाही इलाके में तटरक्षक बल की एक इमारत पर गिरी.

हालांकि, हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि उनके बलों ने अदन में सऊदी समर्थित सैन्य जमावड़ों को निशाना बनाया. उन्होंने इन ठिकानों को अल-नस्र कैंप और एक नौसैनिक सैन्य अड्डा बताया. उनका आरोप था कि इन जगहों पर सऊदी अधिकारी सैन्य लामबंदी की निगरानी कर रहे थे.

यमन में संघर्ष बढ़ने से युद्धविराम पर खतरा

ताजा संघर्ष ने 2022 में हुए संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता वाले युद्धविराम को कमजोर किया है. इस युद्धविराम के बाद सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन और हूतियों के बीच सीमा पार हमले काफी हद तक रुक गए थे.

सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का समर्थन करता है, जबकि हूतियों का राजधानी सना और देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर नियंत्रण है.हाल के तनाव ने ईरान के साथ चल रहे व्यापक अमेरिका-इजराइल युद्ध के बीच एक और मोर्चा खोल दिया है. ईरान के साथ जुड़े हूती बलों ने सऊदी अरब के ठिकानों पर अपने हमले तेज किए हैं. इस महीने की शुरुआत में हूतियों ने विमानन कंपनियों को सऊदी हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल को लेकर चेतावनी दी थी. हालांकि, मक्का और मदीना के ऊपर के हवाई क्षेत्र को इससे अलग रखा गया था.

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