अमेरिका ने माना होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना उसके बस की नहीं? इंटेलिजेंस रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को दबाव के हथियार में बदल दिया है. अमेरिकी इंटेलिजेंस रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल तेहरान इसे खोलने के मूड में नहीं है. इससे तेल की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि सैन्य कार्रवाई से इसे खोलना मुश्किल और बेहद जोखिम भरा हो सकता है.

Advertisement
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने जंग की शुरुआत से ही पाबंदियां लगा रखी हैं. (Photo- ITG) होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान ने जंग की शुरुआत से ही पाबंदियां लगा रखी हैं. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 7:42 AM IST

अमेरिका-ईरान जंग के बीच अगर कोई सबसे अहम और खतरनाक मोर्चा बनकर उभरा है, तो वह है होर्मुज स्ट्रेट. यह सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई की लाइफलाइन है. लेकिन अब यही रास्ता ईरान के हाथ में सबसे बड़ा हथियार बन चुका है.

अमेरिकी इंटेलिजेंस की हालिया रिपोर्ट ने इस संकट को और गहरा कर दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान फिलहाल किसी भी हाल में होर्मुज स्ट्रेट खोलने के मूड में नहीं है. वजह साफ है, यह वही एक रास्ता है जिसके जरिए तेहरान अमेरिका और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर सबसे ज्यादा दबाव बना सकता है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 'लोग मुझे राजा कहते हैं', ईरान जंग के बीच विरोधियों और NATO पर ट्रंप ने साधा निशाना

दरअसल, दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है. ऐसे में अगर यह लंबे समय तक बंद रहता है, तो इसका वैश्विक बाजार पर सीधा और गंभीर असर पड़ेगा. यही वजह है कि ईरान ने इस स्ट्रेट को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि तेहरान जानबूझकर इस रास्ते को बाधित कर रहा है, ताकि तेल की उच्च कीमतें बनी रहें और अमेरिका पर दबाव बढ़े.

होर्मुज स्ट्रेट खुलवाना आसान नहीं

राष्ट्रपति ट्रंप लगातार यह दावा करते रहे हैं कि अमेरिका चाहे तो होर्मुज स्ट्रेट को आसानी से खुलवा सकता है. उन्होंने यहां तक कहा था कि "थोड़ा और समय मिला, तो हम इसे खोल देंगे." लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी अलग नजर आ रही है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह काम जितना दिखता है, उससे कहीं ज्यादा मुश्किल है.

Advertisement

होर्मुज स्ट्रेट की भौगोलिक स्थिति ही इसे बेहद संवेदनशील बनाती है. यह समुद्री रास्ता अपने सबसे संकरे हिस्से में सिर्फ 33 किलोमीटर चौड़ा है, जबकि जहाजों के आने-जाने का रास्ता महज 3-3 किलोमीटर का है. ऐसे में यहां से गुजरने वाले जहाज बेहद आसान निशाना बन जाते हैं.

यह भी पढ़ें: अमेरिका से दूरी, रूस के करीब सऊदी! ट्रंप से बैर के बाद पुतिन की शरण में पहुंचे मोहम्मद बिन सलमान

ड्रोन, मिसाइल और समुद्री माइन से स्ट्रेट बना खतरनाक

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसी कमजोरी को ताकत में बदल दिया है. ड्रोन, मिसाइल और समुद्री माइन के जरिए उन्होंने इस इलाके को इतना खतरनाक बना दिया है कि अब कई कमर्शियल जहाज यहां से गुजरने से बच रहे हैं. कुछ मामलों में जहाजों पर हमले भी हुए हैं और उनसे टोल टैक्स तक मांगा गया है.

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका सैन्य ताकत के जरिए इस रास्ते को खोलने की कोशिश करता है, तो यह जंग और लंबी और खतरनाक हो सकती है. यही नहीं, पूर्व CIA डायरेक्टर बिल बर्न्स ने भी चेतावनी दी है कि ईरान इस ताकत को इतनी आसानी से छोड़ने वाला नहीं है. उनके मुताबिक, तेहरान इस स्ट्रेट के जरिए भविष्य में किसी भी शांति समझौते में अपने लिए सुरक्षा गारंटी और आर्थिक फायदे हासिल करने की कोशिश करेगा.

Advertisement

यानी साफ है कि होर्मुज स्ट्रेट अब सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक राजनीति का सबसे बड़ा "चोक पॉइंट" बन चुका है. अमेरिका के लिए इसे खोलना अब सिर्फ सैन्य चुनौती नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक और रणनीतिक परीक्षा बन गया है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement