'लोग मुझे राजा कहते हैं', ईरान जंग के बीच विरोधियों और NATO पर ट्रंप ने साधा निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर कार्यक्रम में खुद को "राजा" कहे जाने का जिक्र करते हुए विरोधियों और NATO देशों पर निशाना साधा. उन्होंने धार्मिक भावनाओं, ईरान जंग और सहयोगियों की भूमिका पर खुलकर बात की.

Advertisement
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्ट लंच में भाषण दिया. (Photo- ITG) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्ट लंच में भाषण दिया. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 9:19 AM IST

व्हाइट हाउस में हुए एक खास ईस्टर लंच के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा भाषण दिया, जिसने अमेरिका ही नहीं, दुनिया भर में चर्चा छेड़ दी. यह कार्यक्रम पहले "क्लोज्ड प्रेस" था, यानी मीडिया को अंदर आने की इजाजत नहीं थी. लेकिन कुछ समय के लिए इसका लाइवस्ट्रीम किया गया, जिसे बाद में हटा लिया गया.

करीब 40 मिनट तक चले इस भाषण में ट्रंप अपने पुराने अंदाज में दिखे. सीधे, बेबाक और कई बार विवादित. उन्होंने धार्मिक संदर्भ से शुरुआत करते हुए कहा, "पाम संडे पर जीसस यरुशलम में राजा के रूप में आए थे… लोग मुझे भी राजा कहते हैं, क्या आप मानते हैं?" इस बयान से उन्होंने विपक्ष के "नो किंग्स" विरोध प्रदर्शन पर तंज कसा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: अमेरिका से दूरी, रूस के करीब सऊदी! ट्रंप से बैर के बाद पुतिन की शरण में पहुंचे मोहम्मद बिन सलमान

हालांकि, उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा, "मैं इतना भी राजा नहीं हूं, मुझे एक बॉलरूम तक बनाने की मंजूरी नहीं मिलती." इस बात पर वहां मौजूद लोग हंसने लगे. ट्रंप ने अपने समर्थकों के साथ रिश्ते पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा, "जो मेरे साथ अच्छा होता है, मैं उसके लिए अंत तक लड़ता हूं, चाहे वो कैसा भी हो." इस बयान से साफ था कि वह अपने समर्थकों को लेकर काफी भावुक और आक्रामक दोनों हैं.

'महान देश के लिए धर्म जरूरी', बोले ट्रंप

इस कार्यक्रम में धर्म का असर भी साफ दिखा. ट्रंप ने कहा, "एक महान देश बनने के लिए धर्म जरूरी है… आपको भगवान की जरूरत होती है." हालांकि, जानकार मानते हैं कि ट्रंप खुद ज्यादा धार्मिक नहीं रहे हैं, लेकिन ईसाई समुदाय, खासकर इवेंजेलिकल ग्रुप, उनका बड़ा समर्थन करता है.

Advertisement

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान उनकी सलाहकार पाउला व्हाइट ने तो उन्हें जीसस से जोड़कर भी पेश किया. वहीं, प्रचारक फ्रैंकलिन ग्राहम ने ईरान को लेकर कड़ा बयान दिया और ट्रंप की जीत के लिए प्रार्थना की. ट्रंप ने अपने भाषण में ईरान जंग पर भी बात की. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और इजरायल ने बड़ी जीत हासिल कर ली है और ईरान की ताकत काफी कमजोर हो चुकी है. लेकिन दूसरी तरफ खबरें यह भी दिखा रही हैं कि ईरान अभी भी जवाबी हमले कर रहा है.

यह भी पढ़ें: EU या रूस… यूक्रेन जैसा रास्ता चुनने पर इस देश को पुतिन की कड़ी चेतावनी

NATO देशों पर भी बरसे ट्रंप

ट्रंप ने NATO देशों पर भी खुलकर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा, "NATO ने हमारे साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया… अगर बड़ा युद्ध हुआ तो वे हमारे साथ नहीं होंगे." उन्होंने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे देशों का जिक्र करते हुए तंज कसा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों पर की गई उनकी टिप्पणी पर बाद में मैक्रों ने इसे गलत बताया.

ट्रंप ने यह भी कहा कि कई देश अभी मदद नहीं कर रहे हैं और सिर्फ युद्ध खत्म होने के बाद साथ देने की बात कर रहे हैं. उन्होंने "बिग वन" यानी बड़े युद्ध का जिक्र भी किया, जिससे उनके बयान को लेकर चिंता बढ़ गई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »