फ्रांस में पुलिस के साथ अब सेना भी संभालेगी मोर्चा, शनिवार के प्रदर्शनों के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम

फ्रांस में पिछले सप्ताह हुई हिंसा के बाद शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे. पुलिस के साथ सेना की भी तैनाती होगी. प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हिंसा और लूटपाट के बाद व्यवस्था बहाल करना है.

Advertisement
फ्रांस में प्रदर्शन के बीच शनिवार को बड़े सुरक्षा इंतजाम.(File Photo-AFP) फ्रांस में प्रदर्शन के बीच शनिवार को बड़े सुरक्षा इंतजाम.(File Photo-AFP)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:46 AM IST

फ्रांस में पिछले सप्ताह हुई हिंसा के बाद सरकार ने शनिवार को होने वाले संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था करने का फैसला किया है. सरकार के मुताबिक, पुलिस की मदद के लिए सैनिकों की तैनाती भी की जाएगी. प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू ने मंगलवार को कहा कि शनिवार को होने वाली तैनाती 'बड़े पैमाने पर' होगी. उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार की पहली प्राथमिकता हिंसा के बाद देश में व्यवस्था बहाल करना है.

Advertisement

17 अक्टूबर को पेरिस, मार्सिले, लियोन और फ्रांस के दूसरे शहरों में हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाएं हुई थीं. इन घटनाओं के बाद सरकार पर कानून-व्यवस्था संभालने को लेकर सवाल उठ रहे हैं. अब शनिवार को फिर से बड़े प्रदर्शन होने की संभावना है, इसलिए सरकार पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुट गई है.

प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने मौजूदा संकट को 'हिंसा और गणराज्य' के बीच चुनाव के तौर पर पेश किया. उन्होंने देश में हुई हिंसा के लिए अति-वामपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया. हालांकि, इन समूहों ने सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सरकार महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के साथ-साथ सार्वजनिक सेवाओं में गिरावट को लेकर लोगों के गुस्से को कम करके आंक रही है.

फ्रांस में हुई थी हिंसा

पिछले सप्ताह हुई हिंसा ने फ्रांस में चिंता बढ़ा दी है. हिंसा का स्तर काफी बड़ा था और पुलिस इसे नियंत्रित करने में पूरी तरह सफल नहीं हो सकी. पेरिस समेत कई बड़े शहरों में हुई घटनाओं ने सरकार के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को बढ़ा दिया है.

Advertisement

यह संकट ऐसे समय में सामने आया है जब फ्रांस में अगले साल राष्ट्रपति चुनाव होने हैं. चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल पहले ही काफी तनावपूर्ण है. चुनावी सर्वे में दक्षिणपंथी और कट्टर वामपंथी विचारों वाले उम्मीदवारों को मजबूत समर्थन मिलता दिख रहा है. ऐसे में पिछले सप्ताह हुई हिंसा ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है. सरकार अब शनिवार को होने वाले प्रदर्शनों को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है. पुलिस के साथ सैनिकों की तैनाती और बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य हिंसा और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »