PoK में इमरजेंसी, छुट्टी रद्द और अलर्ट मोड में हेल्थ वर्कर्स... पहलगाम हमले के बाद दहशत में आया पाकिस्तान

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद सेना एक्शन मोड में है. भारतीय सुरक्षा बल आतंकियों की कमर तोड़ रहे हैं और उनके घर-ठिकानों को जमींदोज करने में लगे हैं. भारत के एक्शन से पाकिस्तान में हड़कंप मच गया है. पड़ोसी मुल्क में बेचैनी देखी जा रही है और उसने आपात स्थिति से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है. पाकिस्तान ने PoK में इमरजेंसी आदेश लागू कर दिया है.

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जम्मू-कश्मीर के अरनिया में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षाबल निगरानी कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के अरनिया में अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षाबल निगरानी कर रहे हैं.

शिवानी शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 27 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:06 AM IST

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने सख्त रुख अपना लिया है और फ्रंट में सेना ने मोर्चा संभाल लिया है. आतंकी ठिकानों को मिट्टी में मिलाया जा रहा है और उनकी तलाश में घेरेबंदी तेज कर दी है. भारत के एक्शन का सीधा असर पाकिस्तान में देखा जा रहा है और उसे किसी बड़े सैन्य ऑपरेशन का डर सताने लगा है. पाकिस्तान ने हालात से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं.

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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) प्रशासन ने आपातकालीन प्रतिबंध लगाए हैं और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियों और तबादलों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश जारी किया है.

25 अप्रैल को झेलम वैली के स्वास्थ्य निदेशालय द्वारा जारी आदेश में 'आपात स्थिति' का हवाला दिया गया और सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य यूनिट्स में चिकित्सा कर्मियों को अपनी-अपनी ड्यूटी पॉइंट पर तैनात रहने का निर्देश दिया गया है. यह भी कहा गया कि किसी भी कर्मचारी को छुट्टी या ट्रांसफर की अनुमति नहीं दी जाएगी. सरकारी वाहनों के निजी उपयोग पर भी रोक लगाई गई है.

पाकिस्तान में मची घबराहट

PoK प्रशासन का यह अचानक उठाया गया कदम पाकिस्तान में पैदा हुई घबराहट को साफ दिखाता है. भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस 'आपात आदेश' को गंभीरता से लिया है और आशंका जताई है कि नियंत्रण रेखा (LoC) के पास असामान्य सैन्य या आतंकी गतिविधियां बढ़ सकती हैं. खासकर पहलगाम के सामने वाले क्षेत्रों में.

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आदेश में क्या लिखा है...

''देश में आपातकालीन स्थिति को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी को निर्देश दिया जाता है कि किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला मुख्यालय अस्पताल के साथ-साथ जिले के सभी चिकित्सा केंद्रों में डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और एंबुलेंस चालकों को हर समय तैयार रखें. साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के सभी चिकित्सा अधिकारी/ पैरा मेडिकल स्टाफ जो पहले छुट्टी पर हैं, उन्हें निर्देशित किया जाता है कि वे अपनी छुट्टी रद्द कर दें और अपने ड्यूटी स्टेशन छोड़ने से पहले कार्यालय से लिखित अनुमति लें. लापरवाही पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर्स/ पैरामेडिकल मेडिकल स्टाफ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.''

घुसपैठ की आशंका, चौकसी बढ़ाई गई

खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, दक्षिण कश्मीर के पहलगाम और आसपास के इलाकों में आतंकियों की घुसपैठ की कोशिशें और आतंकी गतिविधियों के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई गई है. इसे देखते हुए भारतीय सुरक्षा बलों ने पहलगाम और अनंतनाग जिलों में गश्त और निगरानी को तेज कर दिया है.

भारतीय सेना का सख्त पहरा

भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर विशेष सतर्कता बरती हुई है. खासकर झेलम वैली के सामने वाले संवेदनशील इलाकों में. सेना की तैनाती और निगरानी व्यवस्था यह संदेश देती है कि भारत किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और क्षेत्र की सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरतेगा.

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पाकिस्तान में किया जा रहा दवा का स्टॉक

इससे पहले भारत द्वारा व्यापार रोके जाने के बाद पाकिस्तान ने दवा आपूर्ति के लिए इमरजेंसी कदम उठाने शुरू कर दिए. PAK में दवाओं का स्टॉक किया जा रहा है. 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने भारत के साथ व्यापार संबंधों के सस्पेंड होने के बाद दवा की आपूर्ति करने के लिए इमरजेंसी तैयारी शुरू कर दी है. 

दरअसल, पहलगाम हमले के बाद सिंधु जल संधि को सस्पेंड कर दिया गया है. भारत के फैसले के जवाब में इस्लामाबाद ने गुरुवार को नई दिल्ली के साथ सभी व्यापार को निलंबित कर दिया. जियो न्यूज ने बताया कि भारत के साथ व्यापार रुकने से पाकिस्तान में दवा की जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए तत्काल उपाय शुरू हो गए हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों ने आपूर्ति को सुरक्षित करने के लिए आपातकालीन तैयारी शुरू कर दी है.

पाकिस्तान के ड्रग रेगुलेटरी अथॉरिटी (DRAP) ने इसकी पुष्टि की है. हालांकि, दवा क्षेत्र पर प्रतिबंध के प्रभाव के बारे में कोई औपचारिक अधिसूचना नहीं दी गई है, लेकिन आकस्मिक योजनाएं पहले से ही लागू हैं. जम्मू कश्मीर के पहलगाम में स्थित बैसरन घाटी में मंगलवार को आतंकवादियों ने हमला किया था. गोलीबारी में 26 लोग मारे गए थे. इनमें ज्यादातर पर्यटक थे. 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में यह सबसे घातक हमला था.

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