'ईरान के न्यूक्लियर बंकर पर जल्द हमला...', ट्रंप ने पिकैक्स माउंटन का जिक्र कर फिर दी धमकी

पिकैक्स माउंटेन ईरान के उन कुछ ठिकानों में से एक है, जिनका संबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम से है. इस जंग में अब तक अमेरिका और इजरायल के इसे निशाना नहीं बनाया.

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ट्रंप ने पिकैक्स माउंटन पर हमले की धमकी दी. (Photo- ITG) ट्रंप ने पिकैक्स माउंटन पर हमले की धमकी दी. (Photo- ITG)

aajtak.in

  • वॉशिंगटन,
  • 05 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:14 AM IST

अमेरिका और ईरान के बीच जंग खतरनाक दिशा में बढ़ती जा रही है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि अमेरिका ईरान के पिकैक्स माउंटेन पर बहुत जल्द हमला कर सकता है. ट्रंप इससे पहले भी इस पहाड़ को निशाना बनाने की धमकी दे चुके हैं.

पिकैक्स माउंटेन नतांज यूरेनियम संवर्धन सुविधा के पास है, जिसमें जमीन के काफी नीचे दो सुरंग परिसरों का निर्माण किया गया है. विश्लेषकों का कहना है कि यह एक बेहद मजबूत किलेबंद जगह है. माना जा रहा है कि इस पहाड़ के नीचे ईरान का सीक्रेट यूरेनियम एनरिचमेंट या हथियारों के ग्रेड के करीब वाले यूरेनियम का सुरक्षित भंडारण स्थल छिपा हुआ है.

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पिछले साल जून में अमेरिकी बंकर-बस्टर बमों द्वारा भारी रूप से क्षतिग्रस्त किए गए नतांज न्यूक्लियर साइट से महज दो किलोमीटर दूर स्थित इस विशाल टनल कॉम्प्लेक्स को तबाह करने के लिए अमेरिकी सेना ने खतरनाक वॉर प्लान तैयार किया है. अब ट्रंप इस माउंटेन को फिर से निशाना बनाने की बात कर रहे हैं. विश्लेषक इसे ईरान का न्यूक्लियर बंकर भी कहते हैं.

पिकैक्स माउंटन की सैटेलाइट इमेज (Photo: REUTERS)

पिकैक्स माउंटेन ईरान के उन कुछ ठिकानों में से एक है, जिनका संबंध ईरान के परमाणु कार्यक्रम से है. इस जंग में अब तक अमेरिका और इजरायल के इसे निशाना नहीं बनाया. अपुष्ट दावे किए गए हैं कि ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार का कुछ हिस्सा वहां रखा हो सकता है, जिसे आगे और संवर्धित करके परमाणु हथियारों के निर्माण में इस्तेमाल किया जा सकता है.

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मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने ईरान में चल रहे मौजूदा संघर्ष को छोटी-मोटी बात बताया. उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बचाव करते हुए कहा कि मिडिल ईस्ट में महीनों से जारी रुक-रुक कर होने वाले हमले 'युद्ध' नहीं हैं.

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान वेंस की एक दिन पहले की गई टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, 'मैं समझ सकता हूं कि वह क्या कह रहे हैं. मैं इसे सैन्य संघर्ष कहता हूं, क्योंकि यह हमारे लिए छोटी-मोटी बात है. यह कोई बड़ी बात नहीं है.'

ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान संघर्ष में अमेरिका में हुई मौतों की संख्या हाल के कुछ अन्य अमेरिकी युद्धों की तुलना में कम है. 28 फरवरी को शुरू हुए ईरान युद्ध में अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर केवल हवाई हमले किए हैं. अब तक ईरान में अपने सैनिकों को तैनात नहीं किया है. वहीं, ईरान ने पलटवार करते हुए खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस और इजरायल पर हमले किए हैं.

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