अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर नए हमले रोकने और युद्ध खत्म करने के प्रस्ताव के बीच ईरान की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट को लेकर स्थिति क्लियर की गई है. ईरान ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया है, जिनमें होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने की बात कही गई थी. ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका की कार्रवाई जारी रहेगी, होर्मुज स्ट्रेट पर प्रतिबंध लागू रहेंगे. जहाजों को केवल तय रास्तों से और IRGC नौसेना की मंजूरी के बाद ही गुजरने की अनुमति होगी.
इससे पहले ट्रंप ने शनिवार शाम सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि वह अमेरिकी सेना को ईरान पर नए हमले रोकने का आदेश देंगे. उन्होंने दावा किया कि मध्य पूर्व के सहयोगी पांच महीने से जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौते के पैमाने पर पहुंच गए हैं. ट्रंप ने कहा कि सामने आ रहे समझौते में होर्मुज स्ट्रेट को तत्काल और पूरी तरह खोलना और ईरान के परमाणु खतरे को समाप्त करना शामिल होगा. उन्होंने कहा कि इस निवेदन के आधार पर उन्होंने हमले को रद्द करने पर सहमति जताई है, बशर्ते तेजी से कोई समझौता किया जा सके.
हालांकि, ईरान के रक्षा मंत्री ने ट्रंप की घोषणा के बाद एक्स पर कहा कि देश 'न तो हैरान है और न ही पैसिव.' उन्होंने कहा कि अमेरिका से मिलने वाले खतरों को देखते हुए ईरान लगातार सतर्क है.
बातचीत पर लौट सकते हैं अमेरिका-ईरान
मध्यस्थता की कोशिशों से जुड़े एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप की ओर से घोषित प्रस्ताव में अमेरिका और ईरान को दोबारा बातचीत शुरू करने की बात कही गई है. प्रस्ताव में होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और पूरे क्षेत्र में हमले रोकने की बात शामिल है. इसमें इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया की ओर से अरब खाड़ी देशों और जॉर्डन पर होने वाले हमलों को रोकना भी शामिल है.
इसके बदले अमेरिका ईरान पर अपना नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करेगा और संभावित युद्धविराम समझौते के तहत तेहरान को तेल निर्यात करने की अनुमति देगा. हालांकि, अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है और मध्यस्थता की कोशिशें जारी हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि इजरायल युद्ध खत्म करने की उनकी कमिटमेंट में शामिल है और युद्धविराम समझौते को लागू करेगा. हालांकि, इजरायल ने इसपर अभी तक ऑफिशियली कोई टिप्पणी नहीं की है.
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