चीन ने फिर जताया पाकिस्तान पर भरोसा, शहबाज शरीफ से बोले जिनपिंग- हमारा रिश्ता अटूट

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से बीजिंग में मुलाकात की, जिसमें दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती और 'ऑल-वेदर पार्टनरशिप' को और गहरा करने पर जोर दिया गया. उन्होंने पाकिस्तान की अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में भूमिका की सराहना की.

Advertisement
जिनपिंग ने पाकिस्तान को 'ऑल-वेदर पार्टनर' बताया. (Photo- ITGD) जिनपिंग ने पाकिस्तान को 'ऑल-वेदर पार्टनर' बताया. (Photo- ITGD)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 26 मई 2026,
  • अपडेटेड 7:16 AM IST

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की. इस दौरान जिनपिंग ने दोनों देशों के बीच की दोस्ती को अटूट बताया. उन्होंने कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच All Weather Partnership बेहद मजबूत है, जिसे चीन और ज्यादा गहरा करना चाहता है.

दरअसल चीन दुनिया के बहुत कम देशों को अपना 'ऑल-वेदर पार्टनर' मानता है, जिनमें पाकिस्तान भी शामिल है. दोनों देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और सुरक्षा स्तर पर बेहद करीबी सहयोग है. 

Advertisement

हालांकि, पिछले कुछ समय में पाकिस्तान में चीनी नागरिकों और परियोजनाओं पर हुए आतंकी हमलों ने चीन की चिंता बढ़ाई है. इसके साथ ही, पाकिस्तान की अमेरिका से बढ़ती नजदीकियों ने भी चीन के साथ उसके रिश्तों को थोड़ा उलझा दिया है. 

'पाकिस्तान के साथ रिश्ता..'

बीजिंग के 'ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल' में हुई इस बैठक में शहबाज शरीफ के साथ पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर भी मौजूद थे. इस दौरान जिनपिंग ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय हालात चाहे जैसे भी बदलें, चीन अपनी कूटनीति में हमेशा पाकिस्तान के साथ रिश्तों को तरजीह देता आया है और देता रहेगा.'

इस दौरान जिनपिंग ने कहा कि चीन एक साझा भविष्य के निर्माण के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करना चाहता है. वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दोनों देशों के रिश्तों की जमकर तारीफ की. उन्होंने चीन और पाकिस्तान को दो 'आयरन ब्रदर' बताया और कहा कि उनके जैसा रिश्ता दुनिया में किसी और का नहीं है.

Advertisement

जिनपिंग ने शहबाज की तारीफ की

पाकिस्तान लगातार ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता कराने में जुटा है. शरीफ की इन कोशिशों की तारीफ करते हुए जिनपिंग ने कहा, 'मुझे पता है कि आप अभी ईरान से लौटे हैं और मौजूदा शांति के लिए सकारात्मक कोशिशें की हैं. हम अभी भी पाकिस्तान के निभाई गए इस किरदार की सराहना करते हैं.'

यह भी पढ़ें: ईरान ने ट्रंप और जिनपिंग की मीटिंग का बनाया मजाक, AI वीडियो से US कूटनीति पर साधा निशाना

बता दें कि पाकिस्तान के लिए अमेरिका और ईरान की मध्यस्थता में चीन को शामिल रखना बेहद जरूरी है. ऐसा इसीलिए क्योंकि चीन और ईरान के रिश्ते भी काफी करीबी हैं. इससे पहले मार्च में भी दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने बीजिंग में मुलाकात कर एक पांच सूत्रीय पहल जारी की थी. इस दौरान स्ट्रोट ऑफ होर्मुज में शांति वार्ता और सामान्य आवाजाही बहाल करने की अपील की गई थी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »