चीन ने तबाही के बीच नेपाल की ओर बढ़ाया मदद का हाथ, दिए 22 लाख डॉलर

चीन ने बाढ़ प्रभावित नेपाल की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है. चीन ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 22 लाख अमेरिकी डॉलर की वित्तीय सहायता दी है.

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नेपाल बाढ़ (Photo: PTI) नेपाल बाढ़ (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 12:11 PM IST

चीन ने नेपाल में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 22 लाख अमेरिकी डॉलर की आर्थिक मदद दी है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और प्रधानमंत्री ली कियांग ने नेपाल की बाढ़ में लोगों की मौत पर दुख जताया है. 

नेपाल के वित्त मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले को रविवार को चीनी सरकार की तरफ से 35 करोड़ नेपाली रुपये का चेक सौंपा है. इसके अलावा, चीन रेड क्रॉस की तरफ से भी नेपाल सरकार को 2 लाख अमेरिकी डॉलर की मदद दी गई है. 

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चीन के राजदूत झांग माओमिंग ने कहा, "इस आपदा में नेपाल अकेला नहीं है. चीन हमेशा नेपाल के साथ है." नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि चीन के नेताओं ने आपदा में हुई मौतों पर गहरा दुख जताया है और पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है. 

बता दें, सोमवार तक नेपाल में बाढ़ से मरने वालों की संख्या 903 हो गई है. जबकि करीब 4250 लोग लापता बताए जा रहे हैं. भारत के भी कई लोग नेपाल में फंसे हुए हैं. राहत-बचाव टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं. हजारों परिवार अपनों की तलाश कर रहे हैं. इस बीच, कई शवों की पहचान भी नहीं हो पाई है.

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रविवार को भी प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान किया गया. बचाव अभियान में अब तक 9,435 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है. लेकिन भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने से लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

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26 अगस्त को आई बाढ़ में नेपाल के कई घर, सड़कें, गाड़ियां, पुल सब बह गए. वहीं, चीनी मीडिया के मुताबिक चीन की तरफ 16 लोगों की मौत हुई है. जबकि तिब्बत में लगभग 550 लोग लापता बताए जा रहे हैं. 

फिलहाल नेपाल में सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों की तलाश करना है. कहीं मलबा रास्ता रोक रहा है, तो कहीं नदी का बढ़ता जलस्तर बचाव अभियान में बाधा बन रहा है. ऐसे में राहत दल एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहे हैं. उनकी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बचाया जा सके. 

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