भगत सिंह को बेगुनाह साबित करने के लिए फांसी के 86 साल बाद भी चल रही कानूनी लड़ाई

एक अंग्रेज पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को फांसी पर लटका दिया गया था. फांसी पर लटकाने के 86 साल बाद उन्हें बेगुनाह साबित करने के लिए एक पाकिस्तानी वकील लाहौर उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

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भगत सिंह भगत सिंह

BHASHA

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 11:00 AM IST

एक अंग्रेज पुलिस अधिकारी की हत्या के मामले में स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह को फांसी पर लटका दिया गया था. फांसी पर लटकाने के 86 साल बाद उन्हें बेगुनाह साबित करने के लिए एक पाकिस्तानी वकील लाहौर उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं.

वकील इम्तियाज राशिद कुरैशी ने अर्जी देकर याचिका पर जल्द सुनवाई का आग्रह किया. लाहौर उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने फरवरी में मुख्य न्यायाधीश से आग्रह किया था कि कुरैशी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के लिए बड़ी पीठ का गठन किया जाए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. बता दें कि कुरैशी लाहौर में भगत सिंह ममोरियल फाउंडेशन चलाते हैं.

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क्या था याचिका में?

याचिका में कुरैशी ने कहा था कि भगत सिंह एक स्वतंत्रता सेनानी थे. जिन्होंने अविभाजित हिंदुस्तान की आजादी के लिए संघर्ष किया था. बहुत सारे पाकिस्तानी खासकर पंजाबी भाषी लाहौर क्षेत्र में रहने वाले लोग भगत सिंह को नायक मानते हैं.

भगत सिंह का आज भी सम्मान

उन्होंने कहा कि भगत सिंह का आज भी भारतीय उप महाद्वीप में न केवल सिखों बल्कि मुसलमानों द्वारा भी सम्मान किया जाता है. यहां तक कि पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने भी दो बार उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की थी. उन्होंने कहा, 'यह राष्ट्रीय महत्व का विषय है.' याचिका में अदालत से पुनर्विचार के सिद्धांतों का पालन करते हुए भगत सिंह की सजा रद्द करने और सरकार को उन्हें राजकीय सम्मान देने का आदेश देने की मांग की गयी है.

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इस कारण चढ़ाया फांसी पर

भगत सिंह को 23 साल की उम्र में ब्रिटिश शासकों ने 23 मार्च 1931 को फांसी पर चढ़ा दिया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने ब्रिटेन की औपनिवेशिक सरकार के खिलाफ साजिश रची थी. इस सिलसिले में भगत सिंह , सुखदेव और राजगुरू पर ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सेंडर्स की कथित तौर पर हत्या करने के लिए यह मामला दर्ज किया गया था.

न्यायालय में याचिका दायर

कुरैशी ने कहा, 'भगत सिंह मामले पर जल्द सुनवाई के लिए मैंने लाहौर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है. मैंने रजिस्ट्रार से आग्रह किया कि मामले की सुनवाई की तारीख तय करें और उम्मीद है कि इस महीने मामले पर सुनवाई होगी.' उन्होंने कहा कि संघीय सरकार को पत्र लिखकर शादमन चौक (लाहौर के मुख्य हिस्से) पर भगत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग की गई है जहां उन्हें उनके दो साथियों के साथ फांसी पर लटकाया गया था.

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