इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान उन डिप्लोमेट्स पर हमला बोला, जो उनके बोलने से पहले ही हॉल से बाहर निकल गए. उन्होंने वॉकआउट करने वालों को 'मोरल कायर' कहा और कहा कि अगर कोई और कायर हॉल में बचा है तो वह भी बाहर चला जाए. नेतन्याहू के भाषण के दौरान उनके समर्थकों ने इजरायल के समर्थन में नारे भी लगाए.
नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में इजरायल की कार्रवाई का बचाव किया और कहा कि इजरायल ने नरसंहार नहीं किया, बल्कि उसे रोका. उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी पर भी निशाना साधा. ममदानी ने नेतन्याहू को 'वॉर क्रिमिनल' कहा था. नेतन्याहू ने कहा कि ममदानी उन्हें UN आने से रोकना और चुप कराना चाहते थे, लेकिन वह सच बोलने से पीछे नहीं हटेंगे.
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ममदानी और पश्चिमी देशों पर भी हमला
नेतन्याहू ने ममदानी पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया, जिसे ममदानी खारिज कर चुके हैं. ममदानी ने बाद में नेतन्याहू के बयान को बेबुनियाद बताया और कहा कि इससे गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है. नेतन्याहू ने ब्रिटेन और फ्रांस जैसे पश्चिमी देशों पर भी निशाना साधा और उन पर इजरायल के खिलाफ दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया.
नेतन्याहू ने ईरान, गाजा, वेस्ट बैंक और क्षेत्र में इजरायल के दूसरे मोर्चों का भी जिक्र किया. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ करते हुए कहा कि इजरायल को अमेरिका से बड़ा सहयोगी नहीं मिला है. उनका करीब 40 मिनट का भाषण ऐसे समय हुआ, जब इजरायल में 27 अक्टूबर को चुनाव होने हैं.
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UN के बाहर भी नेतन्याहू के खिलाफ प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने इजरायल को हथियार देने का विरोध किया और गाजा के लिए समर्थन में नारे लगाए. पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. नेतन्याहू की UN यात्रा बेहद छोटी रही और वह भाषण के बाद इजरायल लौटने वाले थे.
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