पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर एक बार फिर ईरान पहुंच गए हैं. उनका यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम एशिया में तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे अहम बने हुए हैं. आधिकारिक दौरे का मकसद पाकिस्तान और ईरान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना बताया गया है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि ईरान में आज तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि चारों देशों के बीच बैठक का प्रस्ताव आसिम मुनीर ने दिया था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया. बैठक में क्षेत्र के अहम मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. इस दौरान सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्की जैसे मुल्कों के प्रतिनिधिन हिस्सा ले सकते हैं.
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फिलिस्तीन और लेबनान पर होगी चर्चा
ईरानी अधिकारी इस्माइल बघाई के मुताबिक, बैठक में फिलिस्तीन और लेबनान के हालात के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा होगी. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय देशों के बीच भरोसा कायम करना जरूरी है. इजरायल की विस्तारवादी योजनाओं और लेबनान को लेकर उसकी नीतियों पर भी बातचीत होगी. बघाई ने यह भी कहा कि इजरायल में चुनाव के नतीजों से मौजूदा हालात में कोई फर्क नहीं पड़ेगा. हालांकि, बैठक में किन मुद्दों पर सहमति बनती है और उसका क्या नतीजा निकलता है, इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है.
ईरान ने रक्षा के अधिकार की बात दोहराई
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि उनका देश क्षेत्र के हालात पर नजर रख रहा है. हर तरह की परिस्थिति के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा. बघाई ने आशंका जताई कि ईरान के खिलाफ किसी भी समय आक्रामक कार्रवाई हो सकती है.
इस बीच, कतर का एक प्रतिनिधिमंडल भी ईरान पहुंचा है. बघाई के मुताबिक, कतर मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. हालांकि, कतर के प्रतिनिधिमंडल और चार देशों की बैठक के बीच किसी औपचारिक संबंध या नतीजे की जानकारी सामने नहीं आई है.
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आसिम मुनीर का यह दौरा पाकिस्तान, ईरान, तुर्की और सऊदी अरब के बीच क्षेत्रीय मुद्दों पर बातचीत के लिहाज से अहम है. बैठक का मुख्य फोकस पश्चिम एशिया के हालात और क्षेत्रीय देशों के बीच भरोसा बढ़ाने पर रहेगा.
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