'अमेरिका-इंडिया दुनिया का नया AI पावर', न्यूयॉर्क में भारतीयों से बोले पीएम मोदी

PM नरेंद्र मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ' दुनिया के लिए AI का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लेकिन मैं मानता हूं कि एआई का मतलब अमेरिकन-इंडियन है. अमेरिका इंडिया एक स्पिरिट हैं. अमेरिकन-इंडियन ये  स्पिरिट है और यही तो दुनिया का AI पावर है.'

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pm मोदी. pm मोदी.

aajtak.in

  • न्यूयॉर्क,
  • 22 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:08 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूयॉर्क के नासाउ कोलेजियम में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित कर रहे हैं. उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि  दुनिया के लिए AI का मतलब है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लेकिन मैं मानता हूं कि एआई का मतलब अमेरिकन-इंडियन है. अमेरिका इंडिया एक स्पिरिट हैं.

पीएम ने आगे कहा कि अमेरिकन-इंडियन ये  स्पिरिट है और यही तो दुनिया का AI पावर है और  यही AI स्पिरिट भारत अमेरिका रिश्तों को नई ऊंचाई दे रहा है.  मैं भारतीय समुदाय को सैल्यूट करता हूं. 2024 का ये साल पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है. एक तरफ दुनिया के कई देशों के बीच संघर्ष है, तनाव है तो दूसरी तरफ कई देशों में डेमोक्रेसी का जश्न चल रहा है. भारत और अमेरिका डेमोक्रेसी के जश्न में भी एक साथ है.

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आपको एक शब्द याद रहेगा पुष्प (PUSHP)

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि आपको एक शब्द याद रहेगा पुष्ष, जिसका मतलब होगा...

P फॉर प्रोग्रेसिव भारत.

U फॉर अनस्टॉपेबल भारत 

S फॉर स्पीचुअल भारत

H फॉर ह्यूमनिटी फर्स्ट को समर्पित भारत

P फॉर प्रॉस्परस भारत

प्रेसिडेंट बाइडेन मुझे अपने घर ले गए: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूयॉर्क में कहा कि कल अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन मुझे अपने घर ले गए. ये सम्मान आपका है, यहां रहने वाले लाखों भारतीयों का है. मैं प्रेसिडेंट बाइडेन और आपका आभार व्यक्त करूंगा. यहां अमेरिका में चुनाव होने वाले हैं और भारत में चुनाव हो चुके हैं. भारत में हुए इलेक्शन ह्यूमन हिस्ट्री के अब तक के सबसे बड़े चुनाव थे. अमेरिका की कुल आबादी से करीब दोगुना वोटर्स, बल्कि पूरे यूरोप की कुल आबादी से ज्यादा वोटर्स ने भारत में अपना वोट डाला. जब हम भारत की डेमोक्रेसी का स्केल देखते हैं तो और भी गर्व होता है.

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'भारतीय का योगदान दुनिया ने देखा'

न्यूयॉर्क में पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा जाता है कि जो त्याग करते हैं वो ही भोग पाते हैं हम दूसरों का भला करके त्याग करके सुख पाते हैं, हम किसी भी देश में रहें, ये भावना नहीं बदलती है. उन्होंने कहा कि हम जिस सोसायटी में रहते हैं वहां अधिक योगदान करते हैं. यहां आपने डॉक्टर्स, रिसर्चर, टेक और साइंटिस्ट के रूप में जो परचम लहराया है वो इसी का प्रतीक है, अभी कुछ समय पहले ही तो यहां टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप हुआ था. यूएसए की टीम गजब खेली, उस टीम में यहां रह रहे भारतीयों का जो योगदान था वह दुनिया ने देखा.

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