मैं चॉकलेट न खाऊं तो फर्क नहीं पड़ता, लेकिन वो बच्चे... 9 साल के मासूम ने तुर्की के भूकंप पीड़ितों को दे दी अपनी गुल्लक

बीते नवंबर में तुर्की के उत्तर-पश्चिमी डुज़से (Duzce)प्रांत में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप के बाद 9 साल के अल्परसलान एफे डेमिर को एक तंबू में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था. और अब सोमवार को आए भूकंप में टेलीविजन पर तबाही की फुटेज देखकर डेमिर का दिल टूट गया. ऐसे में इस मासूम ने भूकंप पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए सालों से अपने गुल्लक में जुटाए पैसे दान कर दिए.

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बच्चे ने गुल्लक दान कर भूकंप पीड़ितों के लिए लिखा खत बच्चे ने गुल्लक दान कर भूकंप पीड़ितों के लिए लिखा खत

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 8:49 AM IST

तुर्की और सीरिया में सोमवार को आए विनाशकारी भूकंपों ने जो तबाही मचाई है उससे दुनियाभर में लोग दुखी हैं. इस आपदा के चलते मलबों में दबे फंसे महिलाओं, बुजर्गों और बच्चों की तस्वीरे रुला दे रही हैं. ऐसे में पूरे विश्व से पीड़ितों के लिए मदद और राहत पहुंचाई जा रही हैं. सभी देश और आम लोग अपनी क्षमता के अनुसार मदद पहुंचा रहे हैं.

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भूकंप पीड़ितों के लिए दे दी अपनी गुल्लक

इस बीच तुर्की के ही 9 साल के बच्चे ने भी कुछ ऐसा किया कि लोग तारीफ करते नहीं थक रहे. दरअसल देश में पिछले साल आए भूकंप में बाल- बाल बचे इस मासूम ने भूकंप पीड़ितों को मदद पहुंचाने के लिए सालों से अपने गुल्लक में जुटाए पैसे दान कर दिए. गुल्लक के पैसों से भले कोई बड़ी मदद न हो जाए लेकिन बच्चे की दरियादिली देख कोई भी पिघल जाएगा. 

पिछले भूंकप में बाल- बाल बचा था मासूम

दरअसल बीते नवंबर में तुर्की के उत्तर-पश्चिमी डुज़से (Duzce)प्रांत में आए 5.9 तीव्रता के भूकंप के बाद अल्परसलान एफे डेमिर को एक तंबू में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा था. और अब सोमवार को आए भूकंप में टेलीविजन पर तबाही की फुटेज देखकर डेमिर का दिल टूट गया.

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गुल्लक देकर भूकंप पीड़ितों के लिए लिखा पत्र

हजारों लोगों की पीड़ा से परेशान लड़के ने अपनी मां सिनम डेमिर से कहा कि वह अपने गुल्लक के पैसों को राहत कोष में दान करना चाहता है. इसके बाद अल्परसलान और उसकी मां तब तुर्की रेड क्रीसेंट की ड्यूज शाखा गए और अधिकारियों को पैसे सौंप दिए. उन्होंने भूकंप से बचे लोगों के लिए एक पत्र भी लिखा था.

मैं चॉकलेट नहीं खरीदूं तो कोई बात नहीं लेकिन...

अल्परसलान  ने बताया “जब डुज़से में भूकंप आया तो मैं बहुत डर गया था. अब जब मैंने अपने कई शहरों में भूकंप के बारे में सुना तो मुझे फिर वही डर लगा. इसलिए मैंने अपने बड़ों द्वारा दिए गए पॉकेट मनी को पीड़ित बच्चों को भेजने का फैसला किया है. अगर मैं चॉकलेट नहीं खरीदूं तो कोई बात नहीं लेकिन चाहता हूं कि वहां बच्चों को ठंड या भूख नहीं झेलनी पड़े. मैं वहां बच्चों को अपने कपड़े और खिलौने भी भेजूंगा.'

तुर्की और सीरिया में भूकंप से हजारों मौतें

बता दें कि तुर्की और सीरिया के लिए सोमवार का दिन काला साबित हुआ. तुर्की में सुबह, दोपहर और शाम के समय में तीन बड़े भूकंप आए. सोमवार सुबह से ही भूकंप ने ऐसी तबाही मचाई कि बड़ी-बड़ी इमारतें भी सेकेंडों में जमींदोज हो गईं. भूकंप की चपेट में आकर अब तक तुर्की और सीरिया दोनों जगह 7000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. जबकि हजारों लोग इस तबाही में घायल हुए हैं. 8 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि काफी लोगों को अभी तक भी रेस्क्यू किया जा रहा है.

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