नाम वापसी पर यू-टर्न, गिरफ्तारी और चुनाव चिह्न पर विवाद... बंगाल उपचुनाव में सियासी घमासान

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में राजनीतिक घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को गर्मा दिया है.

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पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया गया पश्चिम बंगाल में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया गया

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव की तस्वीर साफ हो गई है. नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन शनिवार को उम्मीदवारों की गिरफ्तारी, चुनाव चिह्न को लेकर विवाद और ममता बनर्जी खेमे के उम्मीदवार के कुछ ही घंटों में नाम वापस लेने के फैसले से पलटने जैसी घटनाओं ने दोनों सीटों का मुकाबला दिलचस्प बना दिया. मतदान 6 अक्टूबर को होगा, जबकि वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी.

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नंदीग्राम सीट मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के इसे छोड़ने के बाद रिक्त हुई थी. 2026 विधानसभा चुनाव में शुभेंदु ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखी. वहीं, AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर ने रेजीनगर और नवदा दोनों सीटें जीतने के बाद नवदा को अपने पास रखा था.

नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार जेल में

नंदीग्राम में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी खेमे की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता खेमे ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया. हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान को 2007 के नंदीग्राम भूमि आंदोलन से जुड़े पुराने मामलों में गिरफ्तार कर लिया गया. अदालत ने उन्हें 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पुलिस के मुताबिक, उनके खिलाफ चार लंबित गैर-जमानती वारंट थे.

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बीजेपी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है. वह मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की मां हैं. चंद्रनाथ की इसी साल मई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वहीं, वाम मोर्चे की ओर से CPI के शांतिगोपाल गिरि मैदान में हैं.

रेजीनगर में उम्मीदवार ने पहले नाम वापस लिया, फिर बदला फैसला

रेजीनगर में शनिवार को ममता बनर्जी खेमे के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं पर दबाव और नए चुनाव चिह्न से जुड़ी परेशानियों का हवाला दिया. हालांकि, कुछ ही घंटों बाद ममता बनर्जी से बातचीत के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल दिया और चुनाव मैदान में बने रहने का ऐलान किया.

रेजीनगर में AJUP ने पार्टी प्रमुख हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी की ओर से मुर्शिदाबाद के पूर्व जिला अध्यक्ष सखारव सरकार मैदान में हैं. कांग्रेस ने मोहम्मद अब्दुल्लाहिल कफी और CPI(M) ने सैयद असद अली को उम्मीदवार बनाया है.

इस बीच, रेजीनगर के निर्दलीय उम्मीदवार सैफुल इस्लाम मंडल उर्फ मदन की गिरफ्तारी ने भी चुनावी माहौल गरमा दिया है. पुलिस का दावा है कि वाहन जांच के दौरान उनके पास से अवैध हथियार, कारतूस और नकली मुद्रा बरामद हुई.

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दोनों सीटों के उपचुनाव में बीजेपी, कांग्रेस-वाम दलों और तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी खेमों की मौजूदगी के कारण बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा. खास तौर पर नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी और रेजीनगर में ममता खेमे के उम्मीदवार के यू-टर्न ने चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दे दिया है.

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