मुर्शिदाबाद हिंसा: शमशेरगंज में देर रात पुलिस बूट की धमक, पूरे इलाके में चला रूट मार्च... खुद DGP ने देखा चप्पा-चप्पा

डीजीपी के साथ भारी पुलिस फोर्स ने मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज इलाके में एंट्री की. देर रात से पूरे इलाके में रूट मार्च शुरू हुआ. हालांकि, इस दौरान हर तरफ तबाही की तस्वीरें देखने को मिलीं. इस बीच, बीएसएफ की टीमें भी पुलिस के साथ मिलकर जगह-जगह संवेदनशील इलाकों में तैनात होने लगी हैं.

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मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में पुलिस ने रूट मार्च किया. मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज में पुलिस ने रूट मार्च किया.

अनुपम मिश्रा

  • मुर्शिदाबाद,
  • 13 अप्रैल 2025,
  • अपडेटेड 10:17 AM IST

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा के बाद तनावपूर्ण शांति है. कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद यहां अर्धसैनिक बलों को तैनात कर दिया गया है. शनिवार देर रात पश्चिम बंगाल के DGP राजीव कुमार भी मुर्शिदाबाद पहुंचे. उन्होंने राज्य के सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ शमशेरगंज थाने में मीटिंग भी की और जरूरी निर्देश दिए. डीजीपी ने पूरे घटनाक्रम के बारे में भी जानकारी ली है.

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डीजीपी के साथ भारी पुलिस फोर्स ने मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज इलाके में एंट्री की. देर रात से पूरे इलाके में रूट मार्च शुरू हुआ. हालांकि, इस दौरान हर तरफ तबाही की तस्वीरें देखने को मिलीं. इस बीच, बीएसएफ की टीमें भी पुलिस के साथ मिलकर जगह-जगह संवेदनशील इलाकों में तैनात होने लगी हैं. हिंसा प्रभावित इलाकों में ये जवान मुस्तैद रहेंगे और कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में राज्य की सहायता करेंगे. मुर्शिदाबाद में स्थानीय रूप से मौजूद करीब 300 बीएसएफ कर्मियों के अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के अनुरोध पर 5 और कंपनियां तैनात की गईं हैं.

वक्फ कानून के विरोध में हिंसा...

बताते चलें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में शुक्रवार को हिंसा भड़क उठी थी. उपद्रवियों ने कई इलाकों में पथराव किया. आगजनी की. ट्रेनें रोकीं. कई दफ्तरों को नुकसान पहुंचाया. साथ ही पुलिसवालों को भी निशाना बनाया.

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हिंसा में अब तक तीन लोगों की जान गई है. दो लोगों की मौत शनिवार दोपहर को हिंसा के दौरान हुई. मृतक पिता-पुत्र थे. हिंसक झड़प में 18 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और अब तक 118 लोग हिरासत में है.

इलाके में BSF की तैनाती

हालात को देखते हुए यहां BSF की तैनाती कर दी गई है, ताकि हालात फिर से बिगड़ ना सके. उधर, पुलिस ने लोगों से किसी तरह की अफवाह से बचने की अपील की है. वहीं, हाइकोर्ट ने 17 अप्रैल तक केंद्र और ममता सरकार से जवाब मांगा है. हिंसा पर राजनीति भी गरमा चुकी है. बीजेपी नेता लॉकेट चटर्जी ने ममता सरकार को घेरा और इस्तीफे की मांग कर दी.

सीएम ममता ने क्या कहा...

इस बीच, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर कहा कि यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है. हमारी सरकार का इससे कोई लेना-देना नहीं है. हमने स्पष्ट कर दिया है कि इस कानून को बंगाल में लागू नहीं किया जाएगा, फिर यह दंगा किस लिए? सीएम ममता ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी उकसावे में ना आने की अपील की. 

डीजीपी पश्चिम बंगाल के साथ बैठक के बाद बीएसएफ के साउथ बंगाल फ्रंटियर में आईजी करणी सिंह शेखावत ने कहा, हमें इस स्थिति में उनके साथ मिलकर काम करना है. इसी पर चर्चा हुई. हमने पुलिस की मदद के लिए अपनी 5 कंपनियां भेजी हैं. हम यहां पुलिस की मदद करने के लिए हैं, स्वतंत्र कार्रवाई के लिए नहीं. हम राज्य पुलिस की मांग के अनुसार काम करेंगे. हमें उम्मीद है कि यहां जल्द ही शांति बहाल हो जाएगी. अगर पुलिस को और कंपनियों की जरूरत होगी तो हम उन्हें मुहैया कराएंगे. बीएसएफ हर स्थिति के लिए तैयार है.

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