बदमाशों के हौसले बुलंद, छापा मारने गई पुलिस टीम पर फेंका बम, ASI अस्पताल में भर्ती

मुर्शिदाबाद के सलार में जुए के अड्डे पर छापेमारी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर बम फेंक दिए, जिसमें ASI सादेक अली घायल हो गए. उनका मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है और घटना के बाद खरेरा गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

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मुर्शिदाबाद में जुए के अड्डे पर छापेमारी के दौरान पुलिस पर बम से हमला, ASI घायल.(Photo- ITG) मुर्शिदाबाद में जुए के अड्डे पर छापेमारी के दौरान पुलिस पर बम से हमला, ASI घायल.(Photo- ITG)

अनुपम मिश्रा / तपस सेनगुप्ता

  • कोलकाता,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:56 AM IST

मुर्शिदाबाद के सलार में बदमाशों ने पुलिस पर बम फेंके, जिससे एक असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. यह हमला रविवार रात को उस समय हुआ, जब पुलिस ने सलार पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले खरेरा गांव में जुए के एक अड्डे पर छापा मारा.

घायल अधिकारी ASI सादेक अली का मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चल रहा है. घटना की जानकारी के बाद उसी रात जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे. पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है.खरेरा गांव में जुए का अड्डा चलने की जानकारी मिलने पर पुलिस ने रविवार रात छापा मारा था. लेकिन ऑपरेशन के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर ही हमला कर दिया और बम फेंके. इस घटना के बाद सोमवार सुबह खरेरा गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

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रविवार को ही पश्चिम बंगाल की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूर्व मेदिनीपुर जिला इंटेलिजेंस ब्रांच (DIB) कार्यालय से जुड़े एक सिविक वालंटियर को गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई एक औपचारिक शिकायत मिलने के बाद की गई. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) की प्रक्रिया पूरी करने और उसे जारी करने के लिए आरोपी ने 1,000 रुपये की अवैध रिश्वत की मांग की थी.

रंगे हाथ पकड़ा

शिकायत के बाद एंटी करप्शन अधिकारियों ने जाल बिछाया. कार्रवाई के दौरान आरोपी अधिकारी को कथित तौर पर रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया. अधिकारियों ने बताया कि मामले की सक्रिय जांच जारी है. जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस कथित अवैध योजना में विभाग के अन्य लोग भी शामिल थे.

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