'तुम्हारा केस काफी पुराना हो गया है. इसे मौजूदा घटना से जोड़ने के लिए दोबारा शारीरिक संबंध बनाने होंगे.' बीएड की एक छात्रा का आरोप है कि यह बात किसी आरोपी ने नहीं, बल्कि उसी पुलिस अधिकारी ने कही, जो उसके पहले से दर्ज शादी के झांसे में यौन शोषण के मामले की जांच कर रहा था. छात्रा का कहना है कि जब उसने इस बात का विरोध किया तो आरोपी दरोगा ने कथित तौर पर शादी करने, जिंदगीभर साथ निभाने और पत्नी का दर्जा देने का भरोसा दिया. इसी भरोसे में वह उसके संपर्क में रही और मार्च से अब तक कई बार उसका कथित तौर पर यौन शोषण किया गया.
अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है. छात्रा की शिकायत पर लखनऊ के आशियाना थाने में तैनात रहे SSI धर्मवीर शाही के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने आरोपी एसएसआई को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है और पूरे मामले की जांच ACP कैंट को सौंपी गई है.
न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची
एफआईआर के मुताबिक, छात्रा पहले से ही शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने के एक दूसरे मामले में न्याय की लड़ाई लड़ रही थी. उसने बस्ती निवासी अभिषेक सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था. जीरो एफआईआर के जरिए यह मामला लखनऊ के आशियाना थाने पहुंचा, जहां इसकी विवेचना SSI धर्मवीर शाही को सौंपी गई. छात्रा का आरोप है कि उसे उम्मीद थी कि जांच निष्पक्ष होगी और उसे न्याय मिलेगा. लेकिन विवेचना के दौरान घटनाक्रम पूरी तरह बदल गया.
21 फरवरी को थाने बुलाया, फिर लगातार फोन आने लगे
पीड़िता के मुताबिक, 21 फरवरी को उसे आशियाना थाने बुलाया गया. वहां आरोपी दरोगा ने कहा कि अब इस केस की पूरी जांच वही करेंगे. छात्रा का आरोप है कि इसके बाद जांच के बहाने लगातार फोन आने लगे. शुरुआत में केस की प्रगति की बात होती थी, लेकिन बाद में बातचीत का स्वरूप बदल गया. एफआईआर में छात्रा ने आरोप लगाया है कि आरोपी उससे अश्लील बातें करने लगा और धीरे-धीरे निजी संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा. छात्रा का आरोप है कि एक दिन आरोपी दरोगा ने उससे कहा, तुम्हारा केस काफी पुराना हो गया है. इसे मौजूदा घटना से जोड़ने के लिए दोबारा शारीरिक संबंध बनाने होंगे. एफआईआर के मुताबिक, छात्रा ने इस बात का विरोध किया. तब आरोपी ने कथित तौर पर उसे भरोसा दिलाया कि वह उससे शादी करेगा, जिंदगीभर साथ निभाएगा और पत्नी का दर्जा देगा. छात्रा का आरोप है कि इसी भरोसे में वह उसके संपर्क में रही और मार्च से अब तक कई बार उसका यौन शोषण किया गया.
जिंदगीभर साथ दूंगा, पत्नी का दर्जा दूंगा
पीड़िता का कहना है कि आरोपी बार-बार भरोसा दिलाता रहा कि वह अपनी पूरी जिंदगी उसके साथ बिताएगा. उसने कथित तौर पर कहा कि वह शादी करेगा और सामाजिक रूप से उसे पत्नी का सम्मान देगा. एफआईआर के अनुसार, इन्हीं वादों पर भरोसा करके छात्रा आरोपी के साथ संबंध में रही.
वाराणसी में खुला राज, पता चला पहले से शादीशुदा है
छात्रा का आरोप है कि करीब डेढ़ महीने पहले वह आरोपी के साथ वाराणसी गई थी. वहीं उसे जानकारी मिली कि धर्मवीर शाही पहले से शादीशुदा हैं. यह जानकारी मिलने के बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा और शादी करने का दबाव बनाया. लेकिन छात्रा का आरोप है कि इसके बाद आरोपी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया.
'तुम्हें सिर्फ मौज-मस्ती के लिए रखा है...'
एफआईआर के मुताबिक, जब छात्रा ने शादी की बात दोहराई तो आरोपी कथित तौर पर गुस्सा हो गया. छात्रा का आरोप है कि उसके साथ मारपीट की गई और अपमानजनक बातें कहीं गईं. पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपी ने उससे कहा, तुम्हें सिर्फ मौज-मस्ती के लिए रखा है, तुम मेरी जूती के बराबर हो. यह बातचीत भी एफआईआर का हिस्सा है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है.
थाने बुलाकर मारपीट और मोबाइल छीनने का भी आरोप
छात्रा ने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि 30 जुलाई की रात आरोपी ने उसे आशियाना थाने बुलाया. उसका आरोप है कि वहां आरोपी अपने दो अन्य साथियों के साथ मौजूद था. छात्रा के मुताबिक, उसके साथ मारपीट की गई, मोबाइल फोन छीन लिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई. एफआईआर के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर छात्रा को धमकाते हुए कहा, अगर अधिकारियों से शिकायत की तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को मरवा दूंगा. मेरी पहुंच बड़े पुलिस अधिकारियों तक है, पुलिस मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी. छात्रा का दावा है कि उसका मोबाइल इसलिए छीना गया ताकि उसमें मौजूद चैट, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल सबूत मिटाए जा सकें.
शिकायत के बाद हरकत में आया पुलिस महकमा
मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचने के बाद पुलिस विभाग ने कार्रवाई शुरू की. डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि छात्रा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है. उन्होंने कहा कि आरोपी SSI धर्मवीर शाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है. पूरे मामले की जांच ACP कैंट को सौंपी गई है. डीसीपी के मुताबिक, जांच के दौरान जो भी साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, जांच टीम अब छात्रा के दावों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की भी पड़ताल करेगी. यदि चैट, कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन, फोटो, वीडियो या अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड उपलब्ध होते हैं तो उन्हें भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा. साथ ही, वाराणसी यात्रा, मोबाइल फोन और दोनों पक्षों के बयानों का भी मिलान किया जाएगा.
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