जम्मू-कश्मीर में पूरा गाया गया वंदे मातरम्, खड़े रहे CM अब्दुल्ला, कांग्रेस से NC का अलग स्टैंड!

जहां कांग्रेस 'वंदे मातरम' को दो छंदों तक सीमित रखने वाले अपने 1937 के प्रस्ताव पर कायम है, वहीं उसके INDIA गठबंधन के सहयोगी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला श्रीनगर फिल्म फेस्टिवल में राष्ट्रगीत के सभी छह छंदों के दौरान खड़े रहे.

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राष्ट्रगीत बजने के दौरान अब्दुल्ला परिवार के सदस्य खड़े रहे. (Photo: Social media) राष्ट्रगीत बजने के दौरान अब्दुल्ला परिवार के सदस्य खड़े रहे. (Photo: Social media)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:55 PM IST

श्रीनगर में पहले फिल्म इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का आयोजन हुआ. प्रोटोकॉल के मुताबिक राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' गाया गया तो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला पूरा गीत बजने तक खड़े रहे. 

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान 'वंदे मातरम' के सभी छह पद गाए जाने पर आपत्ति जताई थी. लेकिन INDIA गठबंधन की सहयोगी पार्टी नेशनल कॉफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला पूरे राष्ट्रगीत के बजने के दौरान खड़े रहे. 

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गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के मुताबिक अब्दुल्ला परिवार के सदस्य और कार्यक्रम में मौजूद लोग पूरे तीन मिनट 10 सेकंड के समय तक खड़े रहे. 

राष्ट्रगीत को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने इसके पूरे गायन पर आपत्ति जताई थी और साफ तौर पर नाराज़ दिखीं. 

15 अगस्त को जैसे ही उन्हें एहसास हुआ कि राष्ट्रगीत गाने वाले गायक पहले दो छंदों से आगे बढ़ गए हैं, उन्होंने इसे रोकने का इशारा किया. 

बता दें कि 1937 में कांग्रेस वर्किंग कमेटी के एक प्रस्ताव के बाद गीत के छोटे संस्करण को अपनाया गया था और पार्टी का कहना था कि ऐसा सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने के लिए किया गया था. 

हालांकि कांग्रेस की साझीदार नेशनल कॉन्फ्रेंस का फिल्म फ़ेस्टिवल में राष्ट्रगान से पहले पूरा 'वंदे मातरम' गाने के दौरान खड़े रहने का फैसला सभी का ध्यान खींचने वाला रहा. कुछ लोगों ने कहा कि जहां दिल्ली में इस बात को लेकर उलझन है कि राष्ट्रगीत कैसे गाया जाना चाहिए, वहीं घाटी में ऐसी कोई उलझन नहीं दिखती।

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पत्रकार ज़फ़र चौधरी ने एक वीडियो की ओर इशारा करते हुए कहा, "जहां दिल्ली में इस बात पर बहस हो रही है कि 'वंदे मातरम' का कितना हिस्सा गाया जाना चाहिए, वहीं कश्मीर ने इस मामले को बहुत आसानी से सुलझा लिया है - पूरा गीत, और उसके बाद पूरा राष्ट्रगान. कोई बहस नहीं, कोई ड्रामा नहीं, टीवी चैनलों के लिए कोई मसाला नहीं. बस संगीत." 

इस वीडियो में अब्दुल्ला परिवार के सदस्य गीत के दौरान सबसे आगे की लाइन में खड़े दिखाई दे रहे थे.

कई अन्य यूज़र्स ने भी अपनी बात रखी और कहा कि दिल्ली में कोई उलझन नहीं है, बल्कि उलझन सिर्फ़ एक ख़ास पार्टी के सदस्यों के बीच है; उन्होंने इस तरह कांग्रेस पर तंज़ कसा. कुछ लोगों ने पूरे गीत के दौरान खड़े रहने के लिए NC की तारीफ़ भी की. 

श्रीनगर में सोमवार शाम हुए पहले फ़िल्म फ़ेस्टिवल की इस घटना ने 'वंदे मातरम' विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है. कांग्रेस और NC के अलग-अलग रुख़ ने राष्ट्रीय गीत को लेकर 'INDIA' गठबंधन के अलग-अलग नज़रिए की ओर सबका ध्यान खींचा है. 

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