'खाना एकदम लाजवाब...', सोनभद्र के स्कूलों में PM पोषण योजना से मुरीद हुए बच्चे-अभिभावक

सोनभद्र के सरकारी स्कूल में पीएम पोषण योजना का खाना बच्चों को पसंद आ रहा है. बच्चों ने इसे स्वादिष्ट बताया. तय मेन्यू के मुताबिक भोजन के साथ उसकी क्वालिटी की भी निगरानी हो रही है.

Advertisement
सोनभद्र के स्कूलों में बच्चों को मिल रहा पौष्टिक भोजन. (Photo: ITG) सोनभद्र के स्कूलों में बच्चों को मिल रहा पौष्टिक भोजन. (Photo: ITG)

विधु शेखर मिश्रा

  • सोनभद्र ,
  • 15 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:12 PM IST

स्कूल की घंटी बजती है तो बच्चों के लिए सिर्फ पढ़ाई ही नहीं होती. खाने का वक्त भी उन्हें अच्छा लगता है. उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालय रॉबर्ट्सगंज और अखाड़ा महाल में बच्चों से जब मिड डे मील के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इसकी जमकर तारीफ की. बच्चों ने कहा कि खाना स्वादिष्ट है, इसमें घर जैसा स्वाद मिलता है.

Advertisement

पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में हर दिन तय मेन्यू के हिसाब से भोजन दिया जाता है. बच्चों ने बताया कि रोज एक जैसा खाना नहीं मिलता. अलग-अलग दिन अलग भोजन परोसा जाता है. पूरे सप्ताह बच्चों को आयरन की गोलियां भी दी जाती हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा सके.

बच्चों की पसंद का रखा जा रहा ध्यान

बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में ताजी सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है. स्कूल के अध्यापकों के मुताबिक पीएम पोषण योजना के तय मेन्यू का पालन किया जाता है. भोजन के लिए अच्छी क्वालिटी वाली खाद्य सामग्री इस्तेमाल होती है. उच्च प्राथमिक विद्यालय रॉबर्ट्सगंज के इंचार्ज हेडमास्टर राजेश कुमार सिंह ने बताया कि बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन देने के लिए योजना के तहत तय व्यवस्था का पालन किया जाता है.

Advertisement

खाने की क्वालिटी पर अधिकारियों की नजर

स्कूल में खाना अच्छा मिल रहा है, इसकी जांच की व्यवस्था भी की गई है. जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला और तहसील स्तर की टीमें हर सप्ताह रैंडम तरीके से करीब चार से पांच स्कूलों का निरीक्षण करती हैं. इन टीमों में एसडीएम भी शामिल होते हैं. निरीक्षण के दौरान अधिकारी बच्चों के साथ बैठकर भोजन करते हैं. इससे उन्हें खाने की गुणवत्ता को मौके पर ही समझने का मौका मिलता है.

अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ा

स्कूल के खाने को लेकर अभिभावकों की राय भी सकारात्मक रही. एक अभिभावक ने बताया कि उनका बच्चा दिव्यांग है और सुन नहीं सकता. वह इशारों के जरिए खाने की तारीफ करता है. वहीं, एक दूसरे अभिभावक ने बताया कि स्कूल के बारे में अच्छी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने बच्चे का नाम प्राइवेट स्कूल से कटवाकर यहां दाखिला कराया.

बच्चों को पसंद आ रहा भोजन, तय मेन्यू के मुताबिक उसकी तैयारी और क्वालिटी की नियमित जांच, इन सबके बीच अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ रहा है. पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन देने के साथ उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखा जा रहा है.
 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »