यूपी में आज मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा. कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जिलों में भारी और बहुत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है. मौसम विभाग ने ललितपुर जिले के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बांदा, चित्रकूट, झांसी, महोबा और हमीरपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा प्रदेश के 42 जिलों में गरज-चमक की भी आशंका जताई गई है.
बारिश के इस दौर को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है. लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव, छोटे नालों और नदियों के जलस्तर में वृद्धि तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है.
आज कैसा रहेगा यूपी का मौसम
मौसम विभाग के अनुसार आज पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. दिनभर रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है. कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होगी तो कुछ इलाकों में तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है. मानसूनी गतिविधियां फिलहाल प्रदेश में सक्रिय बनी हुई हैं, जिसके कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ रहेगा. प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह से ही बादल छाए रहने के आसार हैं. दोपहर और शाम के समय कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं. जिन जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है.
ललितपुर में सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
आईएमडी के अनुसार आज ललितपुर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. छोटे नाले और बरसाती नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है. ऐसे इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग का कहना है कि लगातार बारिश के कारण सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है. कई स्थानों पर सड़कों पर पानी भरने, आवाजाही में परेशानी और दृश्यता कम होने जैसी स्थितियां बन सकती हैं.
इन 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने आज जिन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें शामिल हैं बांदा, चित्रकूट, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर , बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, हमीरपुर, महोबा और झांसी. इन सभी जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है. स्थानीय स्तर पर जलभराव, सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है. प्रशासन को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
इन 42 जिलों में गरज-चमक का खतरा
बारिश के साथ प्रदेश के 42 जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग के अनुसार जिन जिलों में यह चेतावनी जारी की गई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, फतेहपुर, लखीमपुर खीरी, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं. इन जिलों में लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई है. गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की अपील की गई है.
पश्चिमी और पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. दिनभर मौसम बदलता रहेगा. कहीं तेज बारिश तो कहीं हल्की फुहारें देखने को मिल सकती हैं. बादलों की आवाजाही पूरे दिन बनी रहने की संभावना है. कई स्थानों पर बारिश का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रह सकता है.
वाहन चलाने वाले रहें सावधान
बारिश के दौरान सड़क पर निकलने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी. मौसम विभाग ने कहा है कि तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम हो सकती है. ऐसे में वाहन की गति नियंत्रित रखें और सुरक्षित दूरी बनाकर चलें. जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचें. यदि किसी सड़क पर पानी अधिक भरा हुआ दिखाई दे तो वहां से वाहन निकालने की कोशिश न करें. दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है क्योंकि फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है. गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी वाले जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने को कहा है. बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न जाएं और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. यदि बारिश के समय बाहर हों तो किसी सुरक्षित भवन में शरण लें. खेतों में काम कर रहे किसानों को भी गरज-चमक के दौरान तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई है. खुले स्थानों पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और ऊंचे स्थानों पर खड़े रहने से भी बचना चाहिए.
किसानों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों से कहा है कि लगातार बारिश को देखते हुए खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें. धान, गन्ना, मक्का, अरहर, उड़द, मूंग, मूंगफली, तिल और सब्जियों की फसलों में पानी जमा न होने दें. यदि खेतों में अधिक समय तक पानी भरा रहता है तो फसलों में रोग लगने की संभावना बढ़ सकती है. इसलिए खेतों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त पानी तुरंत निकालें.
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