कानपुर देहात अग्निकांड की जांच के लिए बनी दो सदस्यीय SIT, परिवार को मिला 10 लाख का मुआवजा

कानपुर देहात अग्निकांड मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है. इसमें कानपुर मंडल आयुक्त राजशेखर और एडीजी कानपुर जोन आलोक सिंह शामिल हैं. एसआईटी अगले एक हफ्ते में जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट शासन को देगी. वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया है.

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कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा की मौत हो गई थी. कृष्ण गोपाल दीक्षित की पत्नी प्रमिला और बेटी नेहा की मौत हो गई थी.

शिल्पी सेन / संतोष शर्मा

  • कानपुर,
  • 15 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 8:51 PM IST

UP News : कानपुर देहात के मड़ौली गांव में हुए अग्निकांड की घटना पर यूपी सरकार ने पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी है. साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने के भी निर्देश दिए हैं. बताते चलें कि अतिक्रमण हटाने के दौरान झोपड़ी में आग लगने से मां-बेटी की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी. वहीं, पिता भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

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अब इस मामले में जांच के लिए दो सदस्यीय एसआईटी (SIT) गठित की गई है. इसमें कानपुर मंडल आयुक्त राजशेखर और एडीजी कानपुर जोन आलोक सिंह शामिल हैं. अब यह एसआईटी एक सप्ताह के अंदर मामले पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शासन को सौंपेगी. इस रिपोर्ट के आधार पर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

देखें वीडियो...

सामने आया ढाई मिनट का अहम वीडियो

कानपुर अग्निकांड मामले का ढाई मिनट का वीडियो सामने आया है. वीडियो को पुलिस बेहद महत्वपूर्ण सबूत के तौर पर देख रही है. इसमें पूरा घटनाक्रम होते हुए दिखाई दे रहा है. पुलिस, पीड़ित परिवार, बुलडोजर सब नजर आ रहे हैं. चीखने की आवाजें और झोपड़ी में आग लगने का भी वीडियो में कैद हुआ है.

39 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज

वहीं, इस मामले में पुलिस ने एक एसडीएम, चार राजस्व अधिकारियों और एक दर्जन से अधिक पुलिस कर्मचारियों समेत 39 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. आईजी (कानपुर रेंज) प्रशांत कुमार ने बताया कि इस मामले में एसडीएम (मैथा) ज्ञानेश्वर प्रसाद को भी निलंबित कर दिया गया है.

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पीड़ित परिवार की तरफ से दर्ज कराई गई एफआईआर की जांच अकबरपुर के इंस्पेक्टर को सौंप दी गई है. कानपुर देहात के एसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने कहा कि अब तक लेखपाल अशोक सिंह और बुलडोजर चलाने वाले दीपक को गिरफ्तार किया गया है.

आईजी प्रशांत कुमार ने न्यूज एजेंसी को बताया कि एफआईआर में हत्या, हत्या के प्रयास के अलावा मवेशियों को मारने और अपंग बनाने की कोशिश, घर को नष्ट करने के इरादे से आग लगाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं. उन्होंने कहा कि पीड़ितों के घर को गिराने में इस्तेमाल किया गया बुलडोजर जब्त कर लिया गया है.

प्रमिला के बेटे के खिलाफ दर्ज हुई थी शिकायत

कानपुर देहात के एसपी का कहना है कि मृतक महिला प्रमिला दीक्षित के बेटे शिवम दीक्षित के खिलाफ ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करने का आरोप था. परिवार के ही एक व्यक्ति ने इसकी शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में जिला प्रशासन की टीम वहां अतिक्रमण हटाने गई थी.

एसपी ने आगे कहा कि अतिक्रमण को बुलडोजर से हटाया जा रहा था. तभी कथित तौर पर प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा ने पुलिस, जिला प्रशासन और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में झोपड़ी में खुद को आग लगा ली थी. इसमें जिंदा जलने के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी. वहीं, शिवम के पिता कृष्ण गोपाल दीक्षित भी घायल हुए थे.

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