सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार के साथ ऐसे प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की आवश्यकता बढ़ रही है, जो सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और रखरखाव कर सकें. सूर्य मित्र कौशल विकास कार्यक्रम इसी जरूरत को पूरा करने के लिए युवाओं को सोलर फोटोवोल्टिक (PV) क्षेत्र से जुड़े तकनीकी कार्यों के लिए तैयार करता है.
वर्ष 2015 में शुरू किया गया सूर्य मित्र कार्यक्रम नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की पहल है. इसे गुरुग्राम स्थित राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) और उसके द्वारा चयनित प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से संचालित किया जाता है. इसका उद्देश्य भारत के बढ़ते सौर ऊर्जा क्षेत्र की तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए कुशल कार्यबल तैयार करना है.
इस कार्यक्रम के तहत युवाओं को सोलर PV प्रणालियों से संबंधित तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाता है. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, प्रशिक्षण की निर्धारित अवधि तीन महीने यानी 600 घंटे है, इसमें कक्षा में पढ़ाई, प्रयोगशाला में व्यावहारिक प्रशिक्षण, सोलर PV संयंत्रों का अनुभव, कार्यस्थल पर प्रशिक्षण, सॉफ्ट स्किल और उद्यमिता से जुड़ा प्रशिक्षण शामिल है.
यह प्रशिक्षण सौर ऊर्जा प्रणालियों की स्थापना, संचालन और रखरखाव से जुड़े कार्यों के लिए प्रतिभागियों को तैयार करता है. ये कौशल रूफटॉप सोलर संयंत्रों और बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के संचालन के लिए महत्वपूर्ण हैं. कार्यक्रम के लिए न्यूनतम पात्रता दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित ट्रेड में ITI योग्यता है, इनमें इलेक्ट्रीशियन, वायरमैन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, फिटर और शीट मेटल जैसे ट्रेड शामिल हैं. कार्यक्रम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मूल्यांकन और प्रमाणन स्किल काउंसिल फॉर ग्रीन जॉब्स या कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय से मान्यता प्राप्त अन्य संस्थानों द्वारा किया जाता है.
सौर कौशल विकास में उत्तर प्रदेश की भूमिका
उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति 2022 में पांच वर्षों में यूपीनेडा के प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से 30,000 युवाओं को सूर्य मित्र के रूप में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. यह नीतिगत लक्ष्य है, न कि अब तक प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं की संख्या.
उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (UPNEDA) राज्य में सौर ऊर्जा संबंधी पहलों के लिए नोडल एजेंसी है. राज्य की नीति में सौर ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और आवासीय भवनों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने को भी प्रोत्साहित किया गया है. इन गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित तकनीकी कर्मियों की जरूरत होती है.
सूर्य मित्र कार्यक्रम सौर संयंत्रों की स्थापना और रखरखाव से जुड़े कौशल विकसित करके इस आवश्यकता को पूरा करने में योगदान देता है. प्रशिक्षण की उपलब्धता संबंधित स्वीकृत केंद्रों और संचालित बैचों पर निर्भर करती है.
कौशल, रोजगार और उद्यमिता
सूर्य मित्र कार्यक्रम में तकनीकी जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी शामिल है. इससे प्रतिभागियों को सोलर PV प्रणालियों की स्थापना, उपकरणों के इस्तेमाल और रखरखाव से जुड़े कार्यों को समझने में मदद मिलती है. कार्यक्रम में सॉफ्ट स्किल और उद्यमिता कौशल भी शामिल हैं, इससे प्रशिक्षित युवा सौर ऊर्जा कंपनियों में रोजगार तलाशने या अपनी योग्यता और स्थानीय बाजार की मांग के अनुसार स्वरोजगार के अवसर तलाशने के लिए तैयार हो सकते हैं. प्रशिक्षण संस्थान रोजगार पाने में सहायता भी प्रदान करते हैं, हालांकि कार्यक्रम में शामिल होने का अर्थ हर प्रतिभागी के लिए नौकरी की गारंटी नहीं है.
स्वच्छ ऊर्जा के लिए कुशल कार्यबल
सौर ऊर्जा का विस्तार केवल सोलर पैनल और उपकरणों की उपलब्धता पर निर्भर नहीं करता, बल्कि उनकी स्थापना और रखरखाव करने वाले प्रशिक्षित लोगों की भी जरूरत होती है. पात्र युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर सूर्य मित्र कार्यक्रम नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र की इस जरूरत को पूरा करने में मदद करता है.
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