लखीमपुर खीरी जिले की सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में ईदगाह मोहल्ले का रहने वाला कक्षा 8 का 13 वर्षीय छात्र अमिताभ गुप्ता अपनी समस्या लेकर डीएम अंजनी कुमार सिंह के पास पहुंचा था. तीन दिन बीत जाने के बाद भी पीड़ित बच्चे के घर का ताला नहीं खुल पाया है और उसे न्याय का इंतजार है. अमिताभ के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और मां लिफाफे बनाकर तथा घरों में काम करके परिवार का पालन-पोषण करती हैं. रिश्ते की ताई द्वारा मकान के हिस्से पर ताला लगाने के विरोध में यह मासूम अपनी फरियाद लेकर प्रशासनिक अधिकारियों के सामने पहुंचा था.
डीएम के सामने निडर होकर रखे सवाल
तहसील दिवस में पहुंचे अमिताभ ने डीएम के सामने अपने घर के बंटवारे और कब्जे की समस्या को बेबाकी से रखा. जब डीएम ने उसे पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी, तो बच्चे ने परिवार की बदहाली, गरीबी और पढ़ाई के खर्च का हवाला दिया.
उसने आरोप लगाया कि पहले भी शिकायती पत्र देने के बावजूद पुलिस स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. बच्चे ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह बड़ा होकर आईएएस अफसर बनना चाहता है ताकि गरीबों की मदद कर सके और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सके.
तीन दिन बाद भी नहीं मिला न्याय
तीन दिन बीत जाने के बाद भी मकान का बंद ताला नहीं खुलने से परिवार निराश है. बच्चे की मां संध्या गुप्ता ने बताया कि अत्यधिक गरीबी के कारण पूरा परिवार लिफाफे बनाने का काम करता है. उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आकर उन्हें डराने का प्रयास किया था, जिससे वे डर गए थे. मां के मुताबिक, परिवार का दर्द देखकर बेटा उनसे बिना बताए तहसील पहुंच गया था. परिवार का कहना है कि अगर बंद हिस्से का ताला खुल जाए तो उसे किराए पर देकर बच्चों की पढ़ाई का खर्च निकाला जा सकता है.
मामले पर पुलिस की कार्रवाई और बयान
मामले के तूल पकड़ने के बाद लखीमपुर शहर के कोतवाल राजेश कुमार सिंह पीड़ित के घर पहुंचे. पुलिस द्वारा जारी वीडियो में बच्चे की मां ने बताया कि उनका बेटा टीसी कटवाने की बात कहकर घर से निकला था और वह काफी समय से स्कूल नहीं जा रहा है. मां ने मकान पर कब्जे और पति की मानसिक बीमारी की बात दोहराई. वहीं, मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कबाड़ हटाकर मामले को सुलझाया जा रहा है और विवाद का निस्तारण किया जाएगा.
अभिषेक वर्मा