उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले स्थित खुदागंज थाना क्षेत्र का सूथा गांव देर रात दोहरी हत्या की वारदात से दहल उठा. गांव के मंदिर की देखभाल करने वाले दो वृद्ध साधुओं- बाबा गोपाल दास और बाबा बिहारी दास की अज्ञात हमलावरों ने बेरहमी से हत्या कर दी. हत्यारों ने वारदात के साक्ष्य मिटाने की नीयत से दोनों साधुओं के शवों को आग के हवाले कर दिया.
सुबह ग्रामीणों ने देखा खौफनाक मंजर
सुबह जब स्थानीय लोग रोजाना की तरह मंदिर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर सन्न रह गए. मंदिर परिसर के पास से दोनों साधुओं के अधजले अवशेष बरामद हुए. खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई. तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए गांव में एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, एक आरोपी हिरासत में
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुमित नाम के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है. पुलिस उससे कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि वारदात के पीछे की असल वजह और अन्य संभावित सहयोगियों का पता लगाया जा सके.
स्थान पाने की चाहत में रची खौफनाक साजिश
पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हिरासत में लिया गया सुमित मंदिर परिसर में अपनी जगह बनाना चाहता था. इसी मंशा के चलते उसने दोनों साधुओं की हत्या कर उनके शवों को जला दिया. अधिकारियों के मुताबिक सुमित मानसिक रूप से अस्वस्थ (मेंटली डिस्टर्ब) है. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है.
विनय पांडेय