रायबरेली के बछरावां में बारिश के बाद जलभराव की समस्या को लेकर सियासी विरोध शुरू हो गया. रविवार सुबह करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश के बाद नगर पंचायत क्षेत्र की कई गलियां पानी में डूब गईं. हालात ऐसे बने कि बारिश का पानी लोगों के घरों के साथ-साथ बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र यानी CHC परिसर में भी भर गया.
जल निकासी की बदहाल व्यवस्था से नाराज समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. सपा कार्यकर्ता CHC परिसर में जमा हुए और पानी के बीच बैठकर जल सत्याग्रह शुरू कर दिया. पूर्व नगर पंचायत प्रत्याशी और सपा जिला सचिव प्रमोद चौधरी के साथ एडवोकेट हेमंत कुशवाहा समेत कई कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल रहे.
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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मानसून और भारी बारिश से पहले जल निकासी की पर्याप्त तैयारी नहीं की गई. उनका कहना था कि सिर्फ करीब दो घंटे की बारिश ने नगर पंचायत के विकास कार्यों और ड्रेनेज व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी. अस्पताल परिसर में पानी भरने से मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा.
प्रदर्शन की सूचना पर नगर पंचायत प्रशासन सक्रिय
सपा कार्यकर्ताओं के जल सत्याग्रह की जानकारी मिलते ही नगर पंचायत प्रशासन में हलचल मच गई. नगर पंचायत अध्यक्ष मौके पर पहुंचे और जलभराव की स्थिति का जायजा लिया. इसके बाद कर्मचारियों को पानी निकालने के काम में लगाया गया. पंपिंग सेट और इंजन की मदद से CHC परिसर समेत प्रभावित इलाकों से पानी बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई.
नगर पंचायत की ओर से नालियों की सफाई भी शुरू कराई गई. प्रशासन का कहना है कि जलभराव वाले स्थानों पर कर्मचारियों को तैनात किया गया है और जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक पानी की निकासी के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
हालांकि, सपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि समस्या केवल बारिश के बाद पानी निकालने तक सीमित नहीं है. उनका आरोप है कि यदि पहले से नालियों और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त होती तो इतनी कम अवधि की बारिश में CHC और आसपास की गलियां जलमग्न नहीं होतीं.
नगर पंचायत ने बताई जलभराव की दूसरी वजह
नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी राम आशीष वर्मा ने जल निकासी में आ रही परेशानी की एक वजह स्थानीय स्तर पर हुए निर्माण को बताया. उनका कहना है कि कई स्थानों पर लोगों ने नालियों के ऊपर चबूतरे बना रखे हैं, जिससे सफाई करने में कर्मचारियों को दिक्कत आती है और पानी की निकासी प्रभावित होती है.
ईओ के मुताबिक, नगर पंचायत की ओर से नालियों की सफाई कराई जा चुकी है. इसके अलावा कई नालों और नालियों को आपस में लिंक भी किया गया है, ताकि बारिश के पानी को बाहर निकालने में परेशानी न हो. कर्मचारियों को मौके पर तैनात कर दिया गया है और जलभराव वाले क्षेत्रों की निगरानी की जा रही है.
फिलहाल, नगर पंचायत प्रशासन पानी निकालने में जुटा है, लेकिन CHC परिसर में हुआ जल सत्याग्रह बछरावां की जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर गया है. अब देखना होगा कि प्रभावित इलाकों में पानी कितनी जल्दी निकलता है और भविष्य में बारिश के दौरान जलभराव रोकने के लिए नगर पंचायत की ओर से क्या स्थायी कदम उठाए जाते हैं.
शैलेन्द्र प्रताप सिंह