संगम नगरी प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. नदियों का बढ़ता पानी अब शहर के कई इलाकों में लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया है. कई जगह सड़कें जलमग्न हैं और बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है. लोगों को अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की जद्दोजहद करनी पड़ रही है.
दरअसल, दारागंज इलाके में बाढ़ की स्थिति साफ नजर आ रही है. यहां लोगों के मकानों और झोपड़ियों में पानी प्रवेश कर गया है. जिन रास्तों पर रोजाना वाहनों की आवाजाही होती थी, वहां अब पानी भरा है. कुछ स्थानों पर लोग नाव के सहारे आवाजाही कर रहे हैं और अपने सामान को सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिश कर रहे हैं.
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बाढ़ का असर केवल रिहायशी इलाकों तक सीमित नहीं है. यमुना किनारे स्थित प्रेरणा स्थल भी पानी की चपेट में आ गया है. यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और अशोक सिंहल की प्रतिमाएं स्थापित हैं. बढ़े जलस्तर के कारण पानी इन प्रतिमाओं तक पहुंच गया है.
प्रेरणा स्थल से ऐतिहासिक बारादरी तक पानी का असर
प्रेरणा स्थल को महापुरुषों के जीवन और विचारों से लोगों को प्रेरणा देने के उद्देश्य से बनाया गया था. लेकिन गंगा-यमुना के बढ़ते जलस्तर के चलते अब यह स्थल भी बाढ़ से प्रभावित है. प्रतिमाओं के आसपास पानी पहुंचने से इसकी तस्वीरें प्रयागराज में बिगड़ते बाढ़ के हालात को दिखा रही हैं.
उधर बलुआघाट स्थित ऐतिहासिक बारादरी भी बढ़े जलस्तर से प्रभावित हुई है. यमुना का पानी बारादरी के गुंबदों तक पहुंच गया है. इससे साफ है कि लगातार बढ़ता जलस्तर अब शहर के रिहायशी हिस्सों के साथ-साथ ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों को भी अपनी चपेट में ले रहा है.
प्रयागराज के अलग-अलग इलाकों से सामने आ रही तस्वीरों में बाढ़ की गंभीरता दिखाई दे रही है. कहीं घरों के आसपास पानी जमा है तो कहीं सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो चुकी हैं. प्रभावित लोगों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने और घरेलू सामान को पानी से बचाने की चुनौती बनी हुई है.
झूंसी में बाढ़ के पानी में छलांग लगा रहे बच्चे
बाढ़ के बीच झूंसी इलाके से लापरवाही की तस्वीर भी सामने आई है. यहां कुछ बच्चे ऊंचे मकानों की छतों से बाढ़ के पानी में छलांग लगाकर मस्ती करते दिखाई दिए. पानी का बहाव और गहराई लगातार बदलने के कारण इस तरह की हरकत बेहद खतरनाक साबित हो सकती है.
बाढ़ के पानी में तैरना या ऊंचाई से उसमें कूदना जानलेवा हो सकता है. स्थानीय स्तर पर लोगों से ऐसे स्थानों से दूर रहने की अपील की जा रही है. खासकर बच्चों को बाढ़ के पानी के पास जाने से रोकना जरूरी है, क्योंकि पानी के नीचे गड्ढे, तेज बहाव और अन्य खतरे हो सकते हैं.
फिलहाल प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी है. रिहायशी इलाकों के अलावा धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों पर भी इसका असर दिखाई दे रहा है. प्रशासन की ओर से लोगों को बाढ़ के पानी से दूर रहने और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने की सलाह दी जा रही है. स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
पंकज श्रीवास्तव