मुरादाबाद के डिडौरी और मंगूपुरा गांव में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण का असर ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में दिखाई दे रहा है. कहीं सामुदायिक शौचालयों की नियमित सफाई हो रही है तो कहीं पक्की सड़कों ने गांव से खेतों तक आने-जाने की मुश्किल आसान कर दी है. डिडौरी गांव में सामुदायिक शौचालय की नियमित साफ-सफाई की जा रही है.
केयरटेकर प्रीति ने बताया कि यहां काफी लोग शौचालय का इस्तेमाल करने आते हैं. लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होती. उनका कहना है कि सरकार की इस पहल से गांव के लोगों को काफी सुविधा मिली है.
सफाई कर्मचारी लीलावती ने बताया कि शौचालय और आसपास के क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई की जाती है. ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण मिले, इसके लिए सफाई व्यवस्था पर लगातार ध्यान दिया जाता है. गांव निवासी सोनू (ट्रैक्टर चालक) बताते हैं कि पहले गांव से खेतों तक जाने में काफी परेशानी होती थी.
सड़क की सुविधा बेहतर होने के बाद अब ट्रैक्टर से खेतों तक पहुंचना और खेती का सामान ले जाना आसान हो गया है. सड़क बनने से किसानों को सीधा फायदा मिला है.
वहीं, मंगूपुरा गांव में भी साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहतर नजर आई. गांव की सड़कें साफ मिलीं और सफाई व्यवस्था नियमित रूप से संचालित होती दिखाई दी. सफाई कर्मचारी हरचरण ने बताया कि वह गांव में शासन-प्रशासन के निर्देशों के अनुसार नियमित रूप से सफाई करते हैं. उनका कहना है कि गांव में कहीं भी गंदगी न रहे, इसका लगातार ध्यान रखा जाता है.
ग्रामीण समरपाल सिंह ने बताया कि पूरे गांव में समय से साफ-सफाई होती है. सभी शौचालय नियमित रूप से इस्तेमाल किए जा रहे हैं और समय-समय पर फॉगिंग भी कराई जाती है. उनके मुताबिक पहले गांव में कुछ जगहों पर गंदगी रहती थी, लेकिन अब स्थिति काफी बेहतर है और पूरा गांव साफ रहता है.
समरपाल सिंह ने यह भी बताया कि गांव में अब पक्की सड़कें बन चुकी हैं और कोई कच्ची सड़क नहीं बची है. इससे ग्रामीणों को आने-जाने में काफी सहूलियत हुई है. उनका कहना है कि गांव में साफ-सफाई और सड़क जैसी सुविधाओं में सुधार से ग्रामीण संतुष्ट हैं.
डिडौरी और मंगूपुरा गांव की तस्वीर यह बताती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का असर सिर्फ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है. नियमित साफ-सफाई, सामुदायिक शौचालयों का इस्तेमाल, फॉगिंग और पक्की सड़कों जैसी सुविधाएं ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बना रही हैं. अब ग्रामीणों को स्वच्छ वातावरण के साथ बेहतर आवागमन की सुविधा भी मिल रही है.
जगत गौतम