उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर का लहुरियादह गांव इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है. इस बार वजह गांव में स्कूल है और उसके साथ जुड़ा पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का नाम. IAS की नौकरी से इस्तीफा देकर राजनीति में आने का ऐलान कर चुकीं दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में अपने डीएम कार्यकाल के दौरान लहुरियादह गांव के लिए स्कूल दिए जाने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि बाद में वह स्कूल नहीं बन पाया.
दिव्या मित्तल का वीडियो सामने आने के अगले ही दिन गांव में स्कूल के लिए जमीन की नाप-जोख शुरू हो गई. गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण की प्रक्रिया के तहत स्कूल के लिए जमीन नापी गई. जिस स्कूल को लेकर दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में बात की थी, अब उसी स्कूल को लेकर गांव में निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. लहुरियादह में स्कूल की जमीन की नापी ऐसे समय हुई है, जब दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान किया है. इसी वजह से गांव का यह स्कूल अब स्थानीय राजनीति और प्रशासनिक प्रक्रिया, दोनों के बीच चर्चा का विषय बन गया है.
दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का ऐलान करते हुए जारी वीडियो में अपने मिर्जापुर के डीएम कार्यकाल का जिक्र किया. उन्होंने गांव के लिए स्कूल दिए जाने की बात कही और कहा कि बाद में स्कूल नहीं बन पाया. उनके वीडियो के बाद अब गांव में स्कूल की जमीन नापने का काम कराया गया है. प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण को लेकर प्रशासन ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है.
जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्ताव भेजा गया था. प्रशासन के मुताबिक, इस प्रस्ताव को वर्ष 2025-26 में राज्य परियोजना निदेशक की तरफ से स्वीकृति प्रदान की गई. स्वीकृति के साथ स्कूल के लिए 25.58 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई. उपजिलाधिकारी लालगंज की ओर से पूर्व माध्यमिक विद्यालय के निर्माण के लिए जमीन भी उपलब्ध कराई गई है.
23 अगस्त को खाते में पहुंची 25.58 लाख की रकम
जिला अधिकारी के मुताबिक, विद्यालय के लिए आवंटित 25.58 लाख रुपये 23 अगस्त 2026 को विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में हस्तांतरित किए जा चुके हैं.प्रशासन का कहना है कि पैसा मिलने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है. इसी क्रम में अब स्कूल के लिए जमीन की नाप-जोख का काम किया गया है. यानी एक तरफ दिव्या मित्तल अपने वीडियो में यह सवाल उठा रही हैं कि उनके कार्यकाल में दिए गए स्कूल का निर्माण बाद में नहीं हुआ. दूसरी तरफ प्रशासन की ओर से बताया जा रहा है कि स्कूल के उच्चीकरण का प्रस्ताव 2024-25 में भेजा गया था, जिसे 2025-26 में स्वीकृति मिली और इसके बाद 25.58 लाख रुपये की राशि जारी की गई.
लहुरियादह के स्थानीय निवासी अनिल कुमार ने बताया कि गांव के लोगों ने दिव्या मित्तल से 10वीं तक का स्कूल मांगा था. उनके मुताबिक, दिव्या मित्तल ने स्कूल को पास भी कर दिया था, लेकिन उनके जाने के बाद स्कूल नहीं बन सका. अनिल कुमार ने दिव्या मित्तल के राजनीति में आने के फैसले का भी स्वागत किया. उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि दिव्या मित्तल राजनीति में आएं और गांव के लोग उनका समर्थन करेंगे. अनिल ने अपने बयान में दिव्या मित्तल के तबादले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उनके जाने से ग्रामीणों को काफी दुख हुआ था. उन्होंने बताया कि गांव के लोगों को उम्मीद है कि दिव्या मित्तल जल्द राजनीति में आएं.
अनिल के मुताबिक, गांव के लोगों ने अलग-अलग सरकारों और नेताओं से अपनी समस्याएं बताईं, लेकिन उनकी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हुईं. उन्होंने पानी की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि दिव्या मित्तल के आने के बाद गांव में पानी की समस्या दूर हुई. उन्होंने बताया कि पहले पानी के लिए ग्रामीणों को तीन-तीन और चार-चार दिन तक झरने में बैठना पड़ता था. उनके मुताबिक, जंगल में महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी होती थी. अनिल ने कहा कि इसी वजह से ग्रामीण दिव्या मित्तल को अपने लिए महत्वपूर्ण मानते हैं.
अनिल कुमार ने कहा कि अब दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा कर दी है, तो गांव के लोग उनके आने का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लहुरियादह के लोग उनका खुलकर समर्थन करेंगे. उनके मुताबिक, गांव के लोगों को लगता है कि दिव्या मित्तल ने उनके दर्द को समझा. उन्होंने पानी की समस्या दूर करने का जिक्र करते हुए कहा कि अब स्कूल की समस्या भी दूर होने की उम्मीद है. अनिल ने कहा कि दिव्या मित्तल ने स्कूल पास करने की बात कही थी, लेकिन उनके मुताबिक उस समय स्कूल के लिए जगह नहीं मिल सकी. इसी वजह से काम आगे नहीं बढ़ पाया. अब जब गांव में स्कूल के लिए जमीन की नाप-जोख शुरू हुई है, तो स्थानीय लोगों की नजर इस निर्माण कार्य पर भी है.
लहुरियादह की रहने वाली शीला ने भी दिव्या मित्तल के राजनीति में आने पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल राजनीति में आ रही हैं तो उन्हें आना चाहिए. गांव के लोग उनके साथ हैं और पूरा साथ देंगे.शीला ने कहा कि दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने की घोषणा कर दी है. अब गांव के लोग चाहते हैं कि वह यहां आएं और लोगों से मिलें. उन्होंने कहा कि गांव के बच्चे-बच्चे तक उनके आने की बात कर रहे हैं.
शीला ने भी गांव की पानी की समस्या का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल ने ग्रामीणों का दर्द समझा और पानी की समस्या दूर कराई. उनके मुताबिक, अब ग्रामीण पानी पी रहे हैं. शीला ने स्कूल को लेकर भी कहा कि दिव्या मित्तल ने स्कूल पास किया था. उनके मुताबिक, उस समय स्कूल बनाने के लिए जगह नहीं मिल पाई थी और इसी वजह से काम रुक गया. उन्होंने कहा कि दिव्या मित्तल ने स्कूल बनाने की बात कही थी. अब अधिकारी स्कूल के लिए क्या कर रहे हैं और किस तरह काम हो रहा है, इसकी पूरी जानकारी ग्रामीणों को नहीं है.
स्कूल और राजनीति, दोनों पर टिकी गांव की नजर
लहुरियादह में अब स्कूल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ गांव के लोगों की नजर इस पर है कि स्कूल का काम किस तरह आगे बढ़ता है. एक दिन पहले दिव्या मित्तल के वीडियो में स्कूल का मुद्दा उठा और अगले दिन स्कूल के लिए जमीन की नाप-जोख शुरू हो गई. प्रशासन की ओर से बताया गया है कि प्राथमिक विद्यालय लहुरियादह के उच्चीकरण के लिए प्रस्ताव वर्ष 2024-25 में भेजा गया था. इसकी स्वीकृति वर्ष 2025-26 में राज्य परियोजना निदेशक की ओर से दी गई और 25.58 लाख रुपये आवंटित किए गए.
प्रशासन के मुताबिक, स्कूल निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है और 23 अगस्त 2026 को विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में राशि भी हस्तांतरित की जा चुकी है. इसके बाद समिति की ओर से निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है. वहीं, ग्रामीणों के बयान में दिव्या मित्तल के साथ उनके जुड़ाव और उनके काम को लेकर समर्थन दिखाई देता है. अनिल कुमार और शीला दोनों ने कहा कि गांव के लोग चाहते हैं कि दिव्या मित्तल राजनीति में आएं और वे उनका समर्थन करेंगे. इस पूरे घटनाक्रम में लहुरियादह का स्कूल एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है. दिव्या मित्तल के वीडियो में उठे स्कूल के मुद्दे के अगले दिन जमीन की नापी शुरू होने से गांव में इसे लेकर हलचल बढ़ गई है. अब प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत स्कूल निर्माण का काम आगे बढ़ाया जा रहा है.
सुरेश कुमार सिंह