बर्थडे था. दोस्त जमा हुए थे. केक भी आया था. लेकिन पार्टी घर, रेस्टोरेंट या किसी हॉल में नहीं, बल्कि बीच सड़क पर शुरू हुई. गाड़ियां सड़क पर खड़ी हुईं. केक काटा गया. तेज आवाज में गाने बजे. फिर आतिशबाजी हुई और देखते ही देखते बर्थडे पार्टी का माहौल ऐसा बना कि सड़क पर चलने वाले बाकी लोगों के लिए रास्ता ही मुश्किल हो गया.
मामला मेरठ के वेदव्यासपुरी इलाके का है. तारीख थी 3 सितंबर और वक्त रात करीब डेढ़ बजे का. जगह थी एनएच-58. कुछ युवक कारों से यहां पहुंचे थे. इसके बाद सड़क के बीच कारें खड़ी करके बर्थडे सेलिब्रेशन शुरू कर दिया गया.
वीडियो में सड़क के बीच गाड़ियां खड़ी दिखाई देती हैं. युवक केक काटते नजर आते हैं. इसके बाद कारों की कतार लगती है और आतिशबाजी शुरू हो जाती है. तेज आवाज में गाने बज रहे हैं. लेकिन मामला यहीं नहीं रुका. इसके बाद शुरू हुई कारों से स्टंटबाजी. युवकों ने सड़क पर कारों से स्टंट किए. आधी रात सड़क पर चल रहा ये पूरा तमाशा किसी ने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया. वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा तो वायरल होने लगा. पुलिस तक भी वीडियो पहुंचा और फिर शुरू हुई उन युवकों की तलाश.
टीपीनगर पुलिस ने वायरल वीडियो को गंभीरता से लिया. सीसीटीवी फुटेज और दूसरे साक्ष्यों की मदद से उन वाहनों और युवकों की पहचान की गई, जो इस पूरी पार्टी का हिस्सा थे. इसके बाद शुक्रवार को पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में नंदननगर का रहने वाला 20 वर्षीय विराज शर्मा, कृष्णा वाटिका निवासी 18 वर्षीय वंश भोला और देवपुरी निवासी 19 वर्षीय लक्ष्य विज शामिल हैं.
पुलिस ने सीज कर दीं दो कारें
जिस गाड़ी से सड़क पर स्टंटबाजी की गई थी, उन पर भी कार्रवाई हुई. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो कारों को सीज कर दिया. वहीं इस मामले में तीन नाबालिग भी शामिल थे. पुलिस ने उन्हें वैधानिक चेतावनी दी और उनके परिजनों को बुलाकर उनके सुपुर्द कर दिया. यानी जिस बर्थडे पार्टी की शुरुआत केक काटने और दोस्तों के साथ जश्न मनाने से हुई थी, वो पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया.
पुलिस का कहना है कि मामले में जरूरी कार्रवाई की जा रही है. अब सवाल है कि बर्थडे मनाने के लिए सड़क ही क्यों चुनी गई? जश्न मनाना अपनी जगह है, लेकिन जब जश्न सड़क पर उतर आए, गाड़ियां बीच रास्ते में खड़ी हो जाएं, आतिशबाजी और तेज संगीत शुरू हो जाए और उसके बाद कारों से स्टंट होने लगें, तो मामला पार्टी का नहीं रह जाता. सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा भी इससे जुड़ जाती है.
उस्मान चौधरी