उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक ऐसी वारदात हुई जिसने लोगों को झकझोर रख दिया. यहां एक ड्राइवर को अपनी सवारी से प्यार हो गया. लेकिन घर में उसकी पत्नी इस प्यार में रोड़ा बन रही थी. ऐसे में दोनों ने मिलकर खौफनाक साजिश रच डाली. उन्होंने पत्नी की हत्या कर लाश को गोमती नदी में ठिकाने लगा दिया. हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी से जल्द ही कांड का खुलासा हो गया. आइये जानते हैं पूरी क्राइम कहानी...
दरअसल, रहीमाबाद क्षेत्र में प्रेम प्रसंग के चलते पति उमेंद्र प्रताप सिंह ने अपनी प्रेमिका आरती वर्मा के साथ मिलकर पत्नी अंजली सिंह की हत्या कर दी. आरोपियों ने 30-31 जुलाई की रात अंजली का मुंह और गला दबाकर हत्या की और शव को कार से ले जाकर इटौंजा में गोमती नदी में फेंक दिया. इसके बाद आरोपी पति ने पुलिस को गुमराह करने के लिए थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. मगर कुछ ही समय में रहीमाबाद पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
ओला राइड से शुरू हुई थी लव स्टोरी
मुख्य आरोपी उमेंद्र प्रताप सिंह ओला कार चलाता है, जबकि सह-आरोपी आरती वर्मा इंदिरानगर के शालीमार क्षेत्र में रहती है और कॉल सेंटर में काम करती है. करीब सात महीने पहले एक राइड बुकिंग के दौरान दोनों की मुलाकात हुई थी. इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और प्रेम संबंध शुरू हो गया.
अफेयर का पता चलते ही रची गई हत्या की साजिश
लगभग एक महीने पहले मृतका अंजली को पति और आरती के अवैध संबंधों की जानकारी हुई, जिसके बाद घर में विवाद बढ़ने लगा. लगातार हो रहे विरोध से परेशान होकर उमेंद्र और आरती ने अंजली को रास्ते से हटाने की साजिश रची. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कंबल में लपेटकर गोमती नदी में बहा दिया.
10 लाख के जेवर देकर रची गुमराह करने की कहानी
आरोपी उमेंद्र ने अंजली के करीब 10 लाख रुपये कीमत के 32 जेवर घर से हटाकर प्रेमिका आरती को दे दिए. इसके बाद उसने खुद थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई, ताकि सबको लगे कि अंजली जेवर लेकर घर छोड़कर चली गई है. हालांकि 31 जुलाई को गोमती नदी से शव मिलने के बाद भाई की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज हुआ.
पुलिस की कार्रवाई और सामान की बरामदगी
एसएचओ अरुण कुमार त्रिगुनायक और डीसीपी उत्तरी अमित कुमार आनंद के अनुसार, दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो सच सामने आ गया. पुलिस ने आरती की निशानदेही पर मृतका के 32 जेवर, दो मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट डिजायर कार बरामद कर ली है. उमेंद्र पर हरदोई में भी पुराना आपराधिक केस दर्ज है.
अंकित मिश्रा