दिवाली से पहले यूपी में मिलावट पर बड़ी चोट: चंदौली में पकड़ा गया 5 क्विंटल संदिग्ध मावा, ऐसे की जाती है नकली की पहचान

दीपावली के चलते मिलावटखोरी रोकने के लिए यूपी का फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट अलर्ट पर है. इसी क्रम में चंदौली में 5 क्विंटल संदिग्ध मावा पकड़ा गया, जो बिहार और ग्रामीण इलाकों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर लाया जा रहा था. मिठाइयों की बढ़ती खपत के कारण मावा की डिमांड बढ़ी है, जिसके चलते यह गोरखधंधा शुरू हुआ. विभाग ने मावे को जब्त कर जांच के लिए लखनऊ भेजा है.

Advertisement
चंदौली में मावे की चेकिंग करती टीम (Photo- ITG) चंदौली में मावे की चेकिंग करती टीम (Photo- ITG)

उदय गुप्ता

  • चंदौली ,
  • 16 अक्टूबर 2025,
  • अपडेटेड 12:32 PM IST

दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों की खपत बढ़ गई है, जिसके साथ ही मिलावटखोरी का गोरखधंधा भी शुरू हो गया है. इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश का फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट अलर्ट मोड पर है और लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी क्रम में चंदौली में 5 क्विंटल संदिग्ध मावा पकड़ा गया, जिसे जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है. 

Advertisement

भारी मात्रा में संदिग्ध मावा पकड़ा

फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने भारी मात्रा में संदिग्ध मावा पकड़ा है. यह कार्रवाई पूर्वी उत्तर प्रदेश के चंदौली में की गई. यह कार्रवाई त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी को रोकने के लिए की गई. छापेमारी के दौरान तकरीबन 5 क्विंटल संदिग्ध मावा जब्त किया गया. यह मावा बिहार और चंदौली के ग्रामीण इलाकों से पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर लाया जा रहा था. 

दीपावली के त्योहार में मिठाइयों की भारी खपत होती है, जिससे मावा की डिमांड बहुत बढ़ जाती है. इसी डिमांड को पूरा करने के लिए मिलावटखोरी और नकली मावा का कारोबार भी शुरू हो जाता है. फूड एंड सेफ्टी डिपार्टमेंट मिलावटखोरी के खिलाफ लगातार एक्टिव मोड में है. विभाग के अधिकारी लगातार छापेमारी कर रहे हैं और संदिग्ध मावा और मिठाइयों की सैंपलिंग भी कर रहे हैं. 

Advertisement

फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर ने दी जानकारी

चंदौली के चीफ फूड एंड सेफ्टी ऑफिसर केएन त्रिपाठी ने बताया कि दीपावली के मद्देनजर फूड एंड सेफ्टी कमिश्नर और जिलाधिकारी के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है. उनका निर्देश है कि बाहर से आने वाले नकली खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई की जाए और उनका विनष्टीकरण किया जाए. अधिकारियों द्वारा नकली मावा की पहचान के लिए मौके पर ही प्रारंभिक जांच की जा रही है.

 
आलू और मैदा मिलाने का शक, नमूने भेजे लखनऊ

केएन त्रिपाठी ने जांच प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया कि वे मावे पर आयोडीन सॉल्यूशन डालते हैं. यदि मावा काला हो जाता है, तो इसका मतलब है कि उसमें मिलावट की गई है और शकरकंदी, आलू या मैदा मिला हुआ है. उन्होंने बताया कि मौके पर की गई सैंपलिंग में उन्हें रिफाइन आदि मिला होने की भी आशंका है. पकड़े गए मावा के नमूने आगे की विस्तृत जांच के लिए लखनऊ भेजे जा रहे हैं. 

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »