'शंकराचार्य पूज्य संत...', CM योगी के सख्त रुख के बीच केशव मौर्य का सॉफ्ट स्टैंड

केशव मौर्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से विरोध समाप्त करने और संगम स्नान कर सकारात्मक संदेश देने की अपील की है. उन्होंने साफ कहा कि प्रशासनिक चूक को लेकर जांच कराई जाएगी. मौर्य ने शंकराचार्य को पूज्य संत बताते हुए राजनीतिक टिप्पणियों से दूरी बनाए रखी.

Advertisement
माघ मेला विवाद पर शंकराचार्य से केशव मौर्य की संयम की अपील (Photo: ITG) माघ मेला विवाद पर शंकराचार्य से केशव मौर्य की संयम की अपील (Photo: ITG)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 25 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 11:51 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले में स्नान को लेकर चल रहे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सॉफ्ट स्टैंड अपनाते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से संयम और संवाद की अपील की है. केशव मौर्य ने कहा कि फिलहाल उनका प्रयागराज जाने का कोई कार्यक्रम नहीं है, लेकिन उन्होंने हाथ जोड़कर शंकराचार्य से अनुरोध किया है कि वे अपना विरोध समाप्त करें और पावन संगम में स्नान कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दें.

Advertisement

उन्होंने यह भी बताया कि जिन अधिकारियों के न पहुंचने को लेकर नाराजगी व्यक्त की गई है, उस मामले में सरकार जांच करा रही है. जो भी समाधान निकलेगा, उसे लागू किया जाएगा. मौर्य ने जोर देकर कहा कि सरकार किसी भी तरह के टकराव की मंशा नहीं रखती और संतों के सम्मान में कोई कमी नहीं होने दी जाएगी.

शंकराचार्य के बयानों पर प्रतिक्रिया देने से बचते हुए केशव मौर्य ने कहा कि वे पूज्य संत और जगद्गुरु हैं, राजनीतिक व्यक्ति नहीं. इसलिए मुख्यमंत्री बनने या न बनने जैसे मामलों पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. उन्होंने साफ किया कि राजनीतिक फैसले पार्टी के भीतर तय होते हैं, न कि संतों के बयानों के आधार पर.

यह भी पढ़ें: गंगा स्नान कब करेंगे? स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने दिया जवाब, शिविर में हंगामे के बाद शिष्यों ने बढ़ाई सुरक्षा

Advertisement

मौर्य ने यह भी कहा कि शंकराचार्य का माघ मेले में स्वागत है और यदि वे विरोध समाप्त कर संगम में डुबकी लगाते हैं, तो यह पूरे समाज के लिए शांति और सद्भाव का संदेश होगा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्तर से स्थिति को संतुलित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केशव मौर्य का यह बयान सरकार की ओर से संवाद और सहमति की पहल के रूप में देखा जा रहा है, ताकि संत समाज की नाराजगी कम हो और माघ मेले की गरिमा बनी रहे.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement