'I Hate Myself... मुझसे कुछ नहीं हो पाया', 50 बार परीक्षा में फेल होने पर राज्यपाल से सम्मानित बीटेक टॉपर ने किया सुसाइड

Kanpur News: कानपुर में राज्यपाल से गोल्ड मेडल पाने वाले बीटेक टॉपर आनंद कुमार ने किया सुसाइड. 50 बार सरकारी नौकरी की परीक्षा में फेल होने पर डिप्रेशन में आकर उठाया कदम. सुसाइड नोट में लिखा- I Hate Myself...

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2024 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया था सम्मानित.(Photo:ITG) 2024 में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया था सम्मानित.(Photo:ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

सरकारी नौकरी का क्रेज हर युवा के सिर चढ़कर बोलता है, लेकिन कभी-कभी यही चाहत किसी ऐसे होनहार की जान ले लेती है, जो प्रदेश में तीसरे नंबर का टॉपर हो, जिसे खुद प्रदेश के राज्यपाल ने सम्मानित किया हो और जिसने प्रदेश के नंबर वन कॉलेज से इंजीनियरिंग की हो.

उत्तर प्रदेश के कानपुर में ऐसी ही एक दुखद घटना सामने आई है, जिसमें बीटेक इंजीनियरिंग में उत्तर प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल करने वाले और राज्यपाल से सम्मानित एक इंजीनियर ने सिर्फ इसलिए सुसाइड कर लिया क्योंकि उसे सरकारी नौकरी नहीं मिल रही थी. उसने सुसाइड नोट में लिखा, "I Hate Myself, मुझे कुछ नहीं हो पाया."

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यह भावुक शब्द लिखकर उसने आत्महत्या कर ली. उसने यह भी लिखा कि उसने 50 बार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किया, परीक्षाएं दीं, लेकिन उसका चयन नहीं हो पाया.

बिहार के रहने वाले राजकुमार के दो बेटे और एक बेटी हैं. उनका बड़ा बेटा और बेटी बिहार में सरकारी शिक्षक हैं, जबकि छोटा बेटा आनंद कानपुर की एक प्राइवेट फैक्ट्री में नौकरी करता था. आनंद ने 2024 में उत्तर प्रदेश के सबसे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज PSIT से बीटेक में पूरे प्रदेश में तीसरा स्थान हासिल किया था. खुद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कानपुर आकर उन्हें गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था.

इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद आनंद लगातार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास कर रहा था. उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा, "मैंने 50 बार सरकारी नौकरी के लिए प्रयास किया, परीक्षाएं दीं. I Hate Myself, मुझे कुछ नहीं हो पाया." यह सुसाइड नोट लिखकर आनंद ने शुक्रवार को अपने घर में पंखे से लटककर जान दे दी.

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आनंद के पिता अपने परिवार के साथ बिहार गए हुए थे, जहां वे अपनी बेटी के लिए रिश्ता तय करने गए थे. घर में आनंद अकेला था. परिवार वालों का मानना है कि शायद उसने पहले ही आत्महत्या करने का मन बना लिया था, तभी वह उनके साथ बिहार नहीं गया.

आनंद को 13 अगस्त 2024 को राज्यपाल ने गोल्ड मेडल से सम्मानित किया था. सुसाइड की सूचना मिलने पर परिवार के लोग बिहार से कानपुर पहुंचे. पोस्टमार्टम हाउस में बेटे का शव देखकर पिता बार-बार यही कहते रहे, "ऐसा कैसे हो गया? सरकारी नौकरी नहीं थी तो क्या हुआ, वह प्राइवेट नौकरी तो कर ही रहा था. हमें अकेला छोड़कर क्यों चला गया?"

डीसीपी डीएन चौधरी का कहना है कि एक युवक के सुसाइड करने की सूचना मिली थी. उसके पास से सुसाइड नोट मिला है. उसे देखकर लगता है कि वह डिप्रेशन से परेशान था. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

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