उत्तर प्रदेश के कानपुर में 27 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा की रात रामखेलावन के घर पर टेसू और झांझी की पारंपरिक शादी का उत्सव मनाया जा रहा था. इस दौरान आरोपी अनु सिंह ने नशे की हालत में अपने चाचा गोलू सिंह की दुनाली बंदूक से अंधाधुंध फायरिंग की. मना करने पर उसने सीधे रामखेलावन के सीने में गोली मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर चाचा गोलू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि आरोपी भतीजा फरार है.
टेसू और झांझी की शादी की परंपरा और जश्न
शरद पूर्णिमा की रात कानपुर के ग्रामीण इलाकों में सदियों पुरानी परंपरा के तहत टेसू और झांझी (गुड्डा-गुड़िया) की शादी कराई जाती है. मान्यता है कि जिन युवक-युवतियों के विवाह में अड़चनें आती हैं, उनके घरों में यह आयोजन करने से शुभ फल मिलता है. मकरंदपुर गांव में रामखेलावन के घर पर महिलाएं ढोलक की थाप पर सोहर, भजन और पारंपरिक गीत गा रही थीं. यजमान अजय इस पवित्र अनुष्ठान को पूरी निष्ठा से निभा रहा था, तभी वहां अचानक खूनी हंगामा शुरू हो गया.
नशे में धुत दबंग ने चलाई गोली, बुजुर्ग की गई जान
परिजनों के अनुसार, गांव के गोलू सिंह और उसका भतीजा अनु सिंह समारोह में आ गए. गोलू के पास दुनाली बंदूक थी, जिसे अनु ने नशे में छीनकर लहराना शुरू कर दिया. लोगों के टोकने और विरोध करने पर अनु आग बबूला हो गया और उसने सीधे फायरिंग कर दी. दुनाली से निकली गोली सीधे रामखेलावन के सीने में जा धसी, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े. परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस कार्रवाई और आरोपियों की तलाश
घटना के बाद पूरे गांव में सनसनी फैल गई और कोहराम मच गया. मृतक के बेटे अजय ने गोलू सिंह और अनु सिंह के खिलाफ थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है. घाटमपुर के एसीपी कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बंदूक मालिक और आरोपी के चाचा गोलू सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. मुख्य आरोपी अनु सिंह की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है और मामले की गहन जांच की जा रही है.
रंजय सिंह