कानपुर के काकादेव इलाके में ज्वेलरी शोरूम से 60 लाख रुपये के जेवर चोरी करने वाले पति-पत्नी समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में सबसे खास बात यह रही कि आरोपियों की बिना नंबर वाली बुलेट मोटरसाइकिल ही पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई. पुलिस ने शहर के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 139 बुलेट मोटरसाइकिलों की जांच के बाद आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की. यह मामला 10 जुलाई का है। काकादेव क्षेत्र स्थित देवेंद्र वर्मा के ज्योति ज्वेलर्स शोरूम में एक शख्स अपनी पत्नी के साथ बुलेट मोटरसाइकिल से कई दिनों से आ रहा था. दोनों हर बार दुकान में जेवर देखते और बाद में खरीदने की बात कहकर चले जाते। इससे किसी को उन पर शक नहीं हुआ.
10 जुलाई को भी दोनों उसी तरह शोरूम पहुंचे. पुलिस के अनुसार जब दुकानदार देवेंद्र वर्मा उन्हें जेवर दिखाने के बाद अलमारी से दूसरा सामान निकालने लगे, तभी आरोपी 60 लाख रुपये के जेवरों से भरा बैग उठाकर बाहर खड़ी बुलेट पर बैठा और पत्नी के साथ फरार हो गया. घटना के बाद देवेंद्र वर्मा ने काकादेव थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने चोरी के खुलासे के लिए चार विशेष टीमें बनाई. जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई. इसके बाद पुलिस ने पूरे शहर में लगे करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच की.
ज्वेलरी शोरूम की कई दिन तक करते रहे रेकी
जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की ग्रे रंग की बुलेट मोटरसाइकिल दिखाई दी, लेकिन उस पर कोई नंबर प्लेट नहीं थी. यहीं से जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई. पुलिस ने सीसीटीवी में दिखाई देने वाली हर बुलेट मोटरसाइकिल की अलग-अलग जांच शुरू की. लगातार पड़ताल के बाद 139 बुलेट मोटरसाइकिलों की जांच के बाद आखिरकार पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई.
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी दिबियापुर निवासी हिस्ट्रीशीटर विकास है. उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत विभिन्न स्थानों पर 25 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं और उसकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है. पुलिस के अनुसार विकास कई दिनों से अपनी पत्नी चारु के साथ शोरूम की रेकी कर रहा था. मौका मिलते ही उसने 60 लाख रुपये के जेवरों से भरा बैग चोरी कर लिया.
चोरी के बाद विकास अपनी पत्नी के साथ कानपुर से निकल गया. पुलिस के अनुसार उसकी लोकेशन दिल्ली, हरियाणा और कई अन्य राज्यों में मिलती रही. पुलिस जब भी किसी स्थान पर पहुंचती, आरोपी वहां से निकल जाता. अधिकारियों का कहना है कि विकास को सर्विलांस सिस्टम की जानकारी थी और वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस से बचने की कोशिश करता रहा.
आखिरकार 22 जुलाई को पुलिस को सूचना मिली, जिसके आधार पर विकास, उसकी पत्नी चारु और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किए गए पूरे 60 लाख रुपये के जेवर बरामद कर लिए. इसके अलावा दो लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए. पुलिस जांच में यह बात भी सामने आई कि आरोपियों ने चोरी के जेवर अभी तक नहीं बेचे थे. पूछताछ में पता चला कि उन्हें ऐसा कोई खरीदार नहीं मिला था जो एक साथ इतना बड़ा माल खरीद सके. इसी वजह से पूरा सामान उनके पास ही मौजूद था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया.
डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कैसे खुला पूरा मामला
डीसीपी अतुल श्रीवास्तव ने बताया कि चोरी की घटना के बाद चार विशेष टीमें बनाई गई थीं. आरोपियों की तलाश के लिए करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और 139 बुलेट मोटरसाइकिलों की जांच की गई. इसी जांच के आधार पर विकास, उसकी पत्नी चारु और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से चोरी का पूरा माल बरामद कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.
रंजय सिंह