झांसी के प्रेमनगर इलाके में ड्रग सप्लायर परवेज की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने इस मामले में एक सिपाही समेत 8 लोगों को अरेस्ट किया है. पुलिस का कहना है कि परवेज को ड्रग्स की डीलिंग के नाम पर बुलाया गया था. इसके बाद उसे कार में बैठाकर बंधक बनाया गया और कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई. गंभीर चोट लगने के बाद परवेज की मौत हो गई. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तीन लग्जरी कारें और 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं.
मामला 13 सितंबर का है. झांसी के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विजयनगर के रहने वाले 21 वर्षीय परवेज की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई थी. पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक गंभीर घायल हालत में पड़ा है. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. शुरुआत में मामला हादसा माना जा रहा था. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में परवेज के शरीर पर चोट के निशान मिले. इसके बाद मृतक के पिता आसान उर्फ एहसान की शिकायत पर 16 सितंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया.
मामले की जांच के लिए पुलिस ने पांच महिला अधिकारियों की टीम बनाई. इसमें एसपी सिटी प्रीति सिंह, एएसपी सिमरन सिंह, एएसपी अरीबा नोमान, सीओ क्राइम प्रिया सिंह और सीओ असमा वकार शामिल थीं. पुलिस के मुताबिक, जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि परवेज ड्रग्स सप्लाई से जुड़ा था और उसके खिलाफ जम्मू-कश्मीर में भी पहले से केस दर्ज था. पुलिस का कहना है कि वह ड्रग्स की डीलिंग के सिलसिले में साहिल नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया था.
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एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, परवेज को ड्रग्स का सैंपल लेकर बुलाया गया था. वह सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी में अपने दोस्तों के साथ था, जहां से वह कार में बैठा. पुलिस के अनुसार, इस कार के साथ दो अन्य कारें भी थीं और कुल करीब 11 लोग इस पूरे घटनाक्रम में शामिल थे. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने परवेज को कार में बैठाने के बाद उसके पास मौजूद ड्रग्स का वीडियो बनाने की कोशिश की. इसके बाद उसे पुलिस से पकड़वाने की धमकी दी जाने लगी.
इसी बात को लेकर विवाद हुआ. पुलिस के अनुसार, परवेज जिस कार में बैठा था, उसमें भूपेंद्र वंशकार और शनि नामदेव ने उसके साथ मारपीट की. एसएसपी के मुताबिक, उन्हें रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वे नहीं माने.
मारपीट के दौरान परवेज और आरोपियों के बीच हाथापाई हुई और एक-दूसरे को दांत से काटने की बात भी पुलिस ने बताई है. इसके बाद जब परवेज कार से उतरने लगा तो वह संभल नहीं पाया और नीचे गिर गया. उसके सिर में चोट आई. आरोपी उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस का कहना है कि घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की. उन्होंने घायल परवेज के बारे में पुलिस को सूचना दी और उसे अस्पताल भी लेकर गए. लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोटों के निशान सामने आने के बाद पुलिस ने पूरे मामले को हादसे की बजाय संदिग्ध मानकर जांच शुरू की. जांच में कहानी सामने आ गई.
जांच में पुलिस के सामने एक और बात आई. एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में प्रयांश और साहिल आपस में दोस्त हैं. पुलिस का आरोप है कि ये लोग अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर एक संगठन चलाते हैं. इसी संगठन की आड़ में ऐसे लोगों को चिह्नित किया जाता था और उन्हें पकड़कर उनसे पैसे की वसूली की जाती थी. परवेज को भी इसी तरह निशाना बनाए जाने की बात जांच में सामने आई है. हालांकि इस कथित वसूली नेटवर्क से जुड़े आरोपों की जांच अभी जारी है.
पुलिस ने इस मामले में प्रयांश, जय श्रीवास्तव, साहिल मिश्रा, भूपेंद्र वंशकार, यश शिवहरे, अर्शिल खान, शनि नामदेव और सिपाही आशीष सिंह को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई तीन लग्जरी कारें बरामद की हैं. इसके अलावा 7 मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगे हैं. एसएसपी विकास कुमार के मुताबिक, मामले में सिपाही की भूमिका सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार किया गया है. सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया.
प्रमोद कुमार गौतम