बहन ने छीन लिया मोबाइल, नाराज होकर 8 साल के बच्चे ने लगा ली फांसी... जालौन के गांव में मच गया कोहराम

उत्तर प्रदेश के जालौन में 8 साल का बच्चा अपनी बहन के साथ रील देख रहा था. बहन ने जब मोबाइल ले लिया तो बच्चा गुस्से में आ गया. वह कमरे में चला और अपनी जिंदगी खत्म कर ली. जब परिजनों को पता चला तब तक उनकी दुनिया उजड़ चुकी थी.

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घटना के बाद पूरे गांव में पसरा मातम. (Photo: Screengrab) घटना के बाद पूरे गांव में पसरा मातम. (Photo: Screengrab)

मोहम्मद अलीम सिद्दीकी

  • जालौन,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 1:18 PM IST

जिस घर में कुछ देर पहले तक भाई-बहन के बीच मोबाइल पर रील देखने को लेकर हंसी-मजाक और छोटी-सी नोकझोंक हो रही थी, वहां अचानक चीख-पुकार मच गई. 8 साल का बच्चा अपनी बड़ी बहन से मोबाइल को लेकर नाराज हुआ और कमरे में चला गया. किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी जिंदगी का आखिरी दिन बन जाएगा. जब घरवालों को उसके साथ हुई अनहोनी का पता चला, तो पैरों तले जमीन खिसक गई. जालौन के डूंगरपुरवा गांव में इस घटना के बाद मातम पसरा है.

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पुलिस के मुताबिक, घटना जालौन के कुठौंद थाना क्षेत्र के डूंगरपुरवा गांव की है. 8 साल का रितिक घर पर अपनी बहन के साथ मोबाइल पर रील देख रहा था. इसी दौरान उसकी बड़ी बहन ने फोन छीन लिया तो बच्चा नाराज हो गया.

इसके बाद वह कमरे में चला गया और फांसी लगा ली. जिस समय यह घटना हुई, उस वक्त बच्चे के माता-पिता घर पर नहीं थे. जब उन्हें सूचना मिली, तो उनके होश उड़ गए. घर में कोहराम मच गया. इस हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है.

सूचना मिलने पर कुठौंद थाना पुलिस और क्षेत्राधिकारी (CO) जालौन अजय कुमार सिंह मौके पर पहुंचे. पुलिस ने जायजा लेकर शव कब्जे में लिया और पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और सबूत जुटाए. सीओ अजय कुमार ने बताया कि 3 नवंबर को ग्राम डूंगरपुरवा में एक बच्चे द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना मिली थी.

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खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ की. इसमें पता चला कि आठ साल के बच्चे का डेढ़ साल बड़ी बहन के साथ मोबाइल के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो गया था. उस समय बच्चे के माता-पिता घर पर नहीं थे. दोनों बच्चों का आपस में झगड़ा हुआ. इसके बाद आठ साल का बच्चा कमरे में गया और फांसी लगा ली. परिजनों ने बताया है कि मोबाइल को लेकर भाई-बहन में झगड़ा हुआ था. 

यह भी पढ़ें: मोबाइल की लत छुड़ाने के लिए स्कूल का 'डरावना एक्सपेरिमेंट', डॉक्टर ने बताया कैसे बच्चों को रखें फोन से दूर

सीओ का कहना है कि इस घटना को देखकर लगता है कि छोटे बच्चों में मोबाइल को लेकर क्या मानसिकता डेवलप हो रही है. किन परिस्थितियों में बच्चे इस तरह की घटना कर रहे हैं. इसके लिए सभी अभिभावकों को ध्यान देना होगा कि बच्चों को मोबाइल के साथ कितना और कैसे इस्तेमाल करने देना है. इसके बारे में बहुत सतर्क होने की जरूरत है.

बच्चों से मोबाइल लेने के लिए अचानक डांटने या झगड़ा करने के बजाय उन्हें प्यार से समझाना बेहतर है. साथ ही, अगर बच्चा किसी बात पर बहुत ज्यादा परेशान, गुस्से में या अकेला दिखाई दे, तो उसकी बात सुनना और उसे भरोसा देना जरूरी है. डूंगरपुरवा में आठ साल के बच्चे की मौत ने पूरे गांव को दुखी कर दिया है. परिवार के लिए यह ऐसा सदमा है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती. वहीं, इस घटना से हर घर में यह सवाल जरूर उठता है कि बच्चों के हाथ में मोबाइल देने के साथ-साथ उनके मन की बात सुनने और समझने के लिए भी हमें कितना वक्त निकालना चाहिए.

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