उत्तर प्रदेश में सितंबर के दूसरे सप्ताह में मानसून का असर इलाकों के हिसाब से अलग-अलग दिखाई दे रहा है. कहीं बादल छाए हैं और बारिश हो रही है तो कहीं उमस और गर्मी का असर बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. इसके उलट पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम फिलहाल ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग के मुताबिक पूर्वांचल के कुछ इलाकों में मानसून ट्रफ की स्थिति के कारण हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली चमकने की गतिविधियां भी देखी जा सकती हैं. आने वाले दिनों में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले संभावित कम दबाव के क्षेत्र का असर भी मौसम पर पड़ सकता है. मौसम विभाग के क्षेत्रीय अपडेट के अनुसार, मानसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा कमजोर हुआ है. इसका असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में आई कमी के रूप में दिखाई दे रहा है. फिलहाल पश्चिमी हिस्सों में व्यापक बारिश की संभावना कम है. दूसरी ओर, मानसून ट्रफ का एक हिस्सा पूर्वी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों से होकर गुजर रहा है. इसी वजह से पूर्वांचल के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. इस दौरान कुछ स्थानों पर अचानक बारिश होने के साथ बिजली चमकने और गरजने की स्थिति भी बन सकती है. यानी पूर्वांचल के लोगों को अगले दो दिन आसमान पर नजर रखनी होगी. खासकर खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
बंगाल की खाड़ी में बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम में आगे होने वाले बदलाव की एक अहम वजह उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर संभावित कम दबाव का क्षेत्र बताया जा रहा है. इसके प्रभाव से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी बारिश की गतिविधियों में कुछ इजाफा देखने को मिल सकता है. हालांकि अभी पूरे पश्चिमी यूपी में व्यापक बारिश होने का अनुमान नहीं है. इसका मतलब यह है कि आने वाले दिनों में बारिश का असर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग रह सकता है. पूर्वांचल में जहां पहले बारिश देखने को मिल सकती है, वहीं पश्चिमी यूपी में बाद में कुछ गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं.
लखनऊ में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी लखनऊ में मौसम अगले कुछ समय तक बदलता हुआ रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, शुरुआत में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है और बाद में सामान्य तौर पर बादल छाए रहने की संभावना है. लखनऊ में एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि लगातार बारिश की संभावना नहीं जताई गई है. तापमान की बात करें तो राजधानी में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. बुधवार को लखनऊ में अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह सामान्य तापमान से करीब एक डिग्री अधिक था. वहीं न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक दर्ज किया गया. यानी बारिश के बावजूद राजधानी में गर्मी और उमस से पूरी तरह राहत मिलने की उम्मीद अभी नहीं है.
इन जिलों में हुई बारिश
पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में हाल के दौरान बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बहराइच में 27.4 मिमी, आजमगढ़ में 22.2 मिमी, गाजीपुर में 16.4 मिमी, गोरखपुर में 15.2 मिमी, चुर्क में 4 मिमी, वाराणसी में 0.6 मिमी बारिश हुई है. इन आंकड़ों से भी साफ है कि फिलहाल बारिश का असर पूरे प्रदेश में एक जैसा नहीं है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में जहां अच्छी बारिश हुई है, वहीं कई दूसरे इलाकों में बारिश बहुत कम या नहीं के बराबर रही.
पश्चिमी यूपी में क्यों कम हुई बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून ट्रफ के पश्चिमी हिस्से के कमजोर पड़ने का असर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया है. इसके चलते पश्चिमी यूपी में बारिश की गतिविधियों में व्यापक कमी आई है. इस समय पश्चिमी हिस्सों में कई जगह मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. हालांकि मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं है और आने वाले दिनों में परिस्थितियों में बदलाव हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून के दौरान ट्रफ की स्थिति बारिश के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. इसके स्थान और मजबूती में बदलाव के साथ प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां भी बदलती रहती हैं.
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