इस VIP जानवर पर बहेगा 20 हजार लीटर पानी... कानपुर से नहाते हुए इंदौर जाएगा 'सतीश', 10 दिन में तय करेगा 700 किमी सफर

कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों के बीच कागजी कार्रवाई और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जैसे ही इंदौर से खास रूप से डिजाइन किया गया यह पिंजरा कानपुर पहुंचेगा, वैसे ही वहां से आई शेरनी को कानपुर जू में छोड़ दिया जाएगा और इधर से हिप्पो सतीश को इसी 'वाटर वीआईपी' सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंदौर के लिए विदा कर दिया जाएगा.

Advertisement
एक शेरनी के बदले इंदौर को मिलेगा भारी-भरकम दरियाई घोड़ा.(Photo:ITG) एक शेरनी के बदले इंदौर को मिलेगा भारी-भरकम दरियाई घोड़ा.(Photo:ITG)

रंजय सिंह

  • कानपुर/इंदौर,
  • 01 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:56 PM IST

कानपुर और इंदौर के चिड़ियाघरों के बीच एक बेहद अनोखा और दिलचस्प 'एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम' होने जा रहा है. इस योजना के तहत कानपुर चिड़ियाघर को जहां एक नई शेरनी मिलने जा रही है, वहीं बदले में इंदौर चिड़ियाघर को कानपुर का मशहूर सतीश नाम का दरियाई घोड़ा दिया जा रहा है. लेकिन इस शिफ्टिंग की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हिप्पो सतीश की 700 किमी की इस यात्रा को पूरा करने के लिए रास्ते में लगभग 20 हजार लीटर पानी खर्च किया जाएगा.

Advertisement

आज के समय में जब पानी की एक-एक बूंद कीमती है, तब एक जानवर के सफर के लिए इतनी भारी मात्रा में पानी का इस्तेमाल चर्चा का विषय बना हुआ है.

दरअसल, दरियाई घोड़े की शारीरिक संरचना ऐसी होती है कि वह अपना 80% जीवन पानी के भीतर ही बिताता है. धूप और हवा के सीधे संपर्क में आने से उसकी त्वचा फटने लगती है और वह बीमार हो सकता है.

कानपुर से इंदौर की दूरी करीब 700 किमी है. नेशनल जू अथॉरिटी के कड़े मापदंडों के अनुसार, वन्यजीवों को ले जाने वाले वाहन की गति सीमा 70 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए. रास्ते के पड़ावों और इस कछुआ गति को देखते हुए सतीश को इंदौर पहुंचने में लगभग 10 दिन का समय लग जाएगा. इतने लंबे समय तक हिप्पो को पानी से दूर रखना जानलेवा हो सकता है, इसलिए रास्ते भर उसके नहाने और भीगने का विशेष प्लान तैयार किया गया है.

Advertisement

पिंजरे के ऊपर रखे जाएंगे 100-100 लीटर के दो ड्रम
इस यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इंदौर चिड़ियाघर प्रशासन एक खास प्रकार का पिंजरा तैयार कर रहा है. इस पिंजरे के ऊपर 100-100 लीटर की क्षमता वाले दो बड़े पानी के ड्रम फिट किए जाएंगे. इन ड्रमों से सफर के दौरान लगातार हिप्पो सतीश के शरीर पर पानी का छिड़काव किया जाता रहेगा ताकि उसकी त्वचा में नमी बनी रहे और उसे गर्मी न लगे.

रास्ते में तय किए जा रहे हैं 'हाईवे ढाबे'
सिर्फ पिंजरे के भीतर ही नहीं, बल्कि रास्ते में गाड़ी रोकने के लिए पहले से ही खास रूट और ढाबों का चयन किया जा रहा है. कानपुर चिड़ियाघर के निदेशक के अनुसार, गाड़ी को सिर्फ उन्हीं हाईवे ढाबों पर रोका जाएगा जहां पानी की उत्तम व्यवस्था और चालू हालत में गहरे ट्यूबवेल मौजूद हों.

पड़ाव के दौरान पाइप के जरिए हिप्पो सतीश को पूरे प्रेशर के साथ अच्छी तरह नहलाया जाएगा. 10 दिनों की इस पूरी यात्रा के दौरान जगह-जगह नहलाने और ड्रम रिफिलिंग में कुल मिलाकर करीब 20000 लीटर पानी खर्च होने का अनुमान लगाया गया है.

एक्सचेंज ऑफर फाइनल, बस तारीख का इंतजार
कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक, उनके यहां शेरों की संख्या तो पर्याप्त है लेकिन शेरनियों की कमी के कारण कुनबा नहीं बढ़ पा रहा था.

Advertisement

वहीं इंदौर को एक स्वस्थ दरियाई घोड़े की दरकार थी. कानपुर में सतीश के अलावा और भी हिप्पो हैं, लेकिन इंदौर की टीम ने सतीश के स्वास्थ्य और व्यवहार को देखते हुए उसी को पसंद किया.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »