उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में जिलाधिकारी कार्यालय में उस समय हलचल मच गई, जब एक महिला जमीन पर दंडवत करते हुए अपनी फरियाद लेकर पहुंची. महिला का कहना है कि उसका पति करीब एक साल से लापता है. इसी बीच उसके जेठ और देवर ने पति के हिस्से की जमीन पर कब्जा कर लिया है. महिला कई बार अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी है, लेकिन उसे अब तक न्याय नहीं मिला. आखिरकार वह दंडवत होकर कलेक्ट्रेट पहुंची और जिलाधिकारी अशोक कुमार से मिलकर अपनी परेशानी बताई. महिला की इस तरह कलेक्ट्रेट पहुंचने की चर्चा जिले में हो रही है. वह अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए मकान और पति के हिस्से की जमीन दिलाने की मांग लेकर डीएम के पास पहुंची थी. महिला को इस हालत में देखकर कलेक्ट्रेट परिसर में तैनात कर्मचारियों ने उसे समझाया और जिलाधिकारी से मिलवाया. इसके बाद महिला ने अपनी पूरी व्यथा सुनाते हुए न्याय की गुहार लगाई.
पीड़ित महिला की पहचान देवरती के रूप में हुई है. वह मौदहा तहसील क्षेत्र के खड़ेही लोधन गांव निवासी कैलाश चंद्र की पत्नी है. देवरती ने बताया कि उसकी शादी कैलाश चंद्र के साथ हुई थी. पति के मानसिक रूप से बीमार होने के बाद वह अपने पति और बच्चों को लेकर मायके पौथिया गांव में रहने लगी थी. महिला के मुताबिक, करीब एक साल पहले उसका पति लापता हो गया. उसने पति को काफी तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल सका. पति के लापता होने के बाद परिवार की जिम्मेदारी उसके ऊपर आ गई. इसी दौरान देवरती का आरोप है कि उसके जेठ और देवर ने पति के हिस्से की जमीन पर कब्जा कर लिया. महिला का कहना है कि जमीन पर कब्जे के कारण उसके सामने रहने और परिवार का खर्च चलाने की समस्या खड़ी हो गई है. वह चाहती है कि उसे गांव में रहने के लिए मकान और पति के हिस्से की जमीन मिल जाए, ताकि वह अपने बच्चों के साथ गुजर-बसर कर सके.
देवरती के अनुसार, पति के हिस्से की करीब छह बीघा जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर वह कई बार मौदहा के एसडीएम और मुस्करा थाने के चक्कर लगा चुकी है. इसके बावजूद उसे अब तक न्याय नहीं मिल पाया. लगातार परेशानियों का सामना करने के बाद वह जिलाधिकारी के कार्यालय पहुंची. महिला ने बताया कि उसके परिवार में 20 साल की बेटी गुड़िया और 18 साल का बेटा आकाश है. दोनों बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उसी पर है. पति के लापता होने और जमीन को लेकर चल रहे विवाद के बीच परिवार का खर्च उठाना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. देवरती ने डीएम से गुहार लगाई कि उसे गांव में रहने के लिए मकान और उसके पति के हिस्से की जमीन दिलाई जाए. इससे वह अपने बच्चों का भरण-पोषण कर सकेगी और परिवार के लिए रहने की व्यवस्था भी हो जाएगी.
डीएम ने एसडीएम को दिए समाधान के निर्देश
दंडवत होकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला की परेशानी सुनने के बाद जिलाधिकारी अशोक कुमार ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए. डीएम ने मौदहा के एसडीएम करनवीर सिंह को मौके पर जाकर समस्या का समाधान कराने और महिला को न्याय दिलाने के निर्देश दिए. महिला की शिकायत पर अब प्रशासन को मामले में आगे की कार्रवाई करनी है. देवरती का आरोप है कि उसके पति के लापता होने के बाद उनके हिस्से की छह बीघा जमीन पर जेठ और देवर ने कब्जा कर लिया है. वह चाहती है कि उसके पति के हिस्से की जमीन और रहने के लिए मकान दिलाया जाए, ताकि वह अपने बच्चों की जिम्मेदारी निभा सके.
दंडवत होकर डीएम कार्यालय पहुंची महिला की तस्वीर और उसके न्याय मांगने के तरीके की जिले में चर्चा हो रही है. महिला का कहना है कि वह पहले भी अधिकारियों से शिकायत कर चुकी है, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ. अब जिलाधिकारी के निर्देश के बाद उसे उम्मीद है कि उसकी शिकायत पर कार्रवाई होगी और उसे अपने परिवार के लिए न्याय मिल सकेगा.
नाहिद अंसारी