उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में 1 नवंबर को तीन साल की मासूम बच्ची का शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई थी. बच्ची के पिता की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपी हीरालाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन टीमों का गठन किया था. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की और सबूत के लिए उसे घटनास्थल पर लेकर जा रही थी. इस दौरान आरोपी ने छिपाकर रखे अवैध तमंचे से पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे आरोपी हीरालाल के दोनों पैरों में गोली लग गई.
आरोपी को अस्पताल में कराया गया भर्ती
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में घायल हुए आरोपी हीरालाल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मुस्करा ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है. पुलिस इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है.
ग्रामीणों का हंगामा और पुलिस वाहनों पर पथराव
मासूम बच्ची की दर्दनाक हत्या के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश फैल गया था. गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया था. इस दौरान उग्र ग्रामीणों ने पथराव कर दिया, जिससे राठ के क्षेत्राधिकारी (सीओ) की गाड़ी समेत कई पुलिस वाहनों के शीशे टूट गए। प्रशासन ने स्थिति संभाली.
अपर पुलिस अधीक्षक और एसपी का बयान
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक हमीरपुर अरविंद वर्मा और एसपी हमीरपुर एम एस पाठक के निर्देश पर गठित टीमों ने कार्रवाई की. पुलिस अब मुठभेड़ और गिरफ्तारी के बाद मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों को एकत्रित कर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है.
नाहिद अंसारी